Thursday , December 14 2017

बुजुर्ग बहुओं से ज्यादा बेटों से दुखी होते हैं

नई दिल्ली। हमारे मुल्क‌ में 31 फीसद बुजुर्ग अपने ही घरों में सताए जा रहे हैं। ये सुनकर लोगों को झगड़ालू बहुओं की याद आ रही होगी, लेकिन यहां तस्वीर कुछ अलग ही है।

नई दिल्ली। हमारे मुल्क‌ में 31 फीसद बुजुर्ग अपने ही घरों में सताए जा रहे हैं। ये सुनकर लोगों को झगड़ालू बहुओं की याद आ रही होगी, लेकिन यहां तस्वीर कुछ अलग ही है।

ये सुनकर जरा अजीब लगेगा कि हमारे मुल्क‌ में 31 फीसद बुजुर्गो को उनकी बहुएं नहीं बल्कि उनके बेटे दुखी करते हैं। बुजुर्गो को सताने के मामले में 23 फीसद बहुएं जिम्मेदार हैं तो उनसे ज्यादा 56 फीसद बेटे ऐसा करते हैं।

ये नतीजा है हेल्प एज इंडिया की एक सर्वे रिपोर्ट का, जो 20 शहरों में करीब 6,000 बुजुर्गो की राय लेकर तैयार की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे मुल्क‌ में बुजुर्गो को सताने और परेशान करने के कसूरवार उनकी बहुओं से ज्यादा उनके अपने बेटे हैं। हर शहर में यही ट्रेंड देखा गया, जो हैरान करने वाला था। सर्वे में हर इनकम ग्रुप और एजुकेटेड क्लास के लोगों की राय ली गई। सभी में ट्रेंड एक जैसे दिखे।

बुजुर्गो के लिए मुश्किल भरे शहरों में भोपाल सबसे आगे है, यहा 77.12 फीसद बुजुर्ग परेशानी झेलते हैं। सबसे बेहतर स्थिति जयपुर की दिखी, जहा ये आंकड़ा सिर्फ 1.67 फीसद है। दिल्ली-एनसीआर में भी हालत‌ ज्यादा अच्छी नहीं है। यहा 30 फीसद बुजुर्ग परेशान हैं। इनमें से 60 फीसद बेटों की वजह से जिंदगी को बस काट ही रहे हैं। गुवाहाटी [60.55 फीसद], कोलकाता [40.93 फीसद] जैसे शहरों के साथ पूर्वी भारत में हालात काफी खराब हैं।

पुरे मुल्क में सताए जा रहे 31 फीसदी बुजुगरें में से 75 पर्सेट खान्दान‌ के साथ रहते हैं। इनमें 80 पर्सेट बुजुर्गो का मानना है कि मुश्किलों की वजह दोनों पीढि़यों में अजस्टमेंट न हो पाना है, तो 20 पर्सेट का कहना था कि गुजारे के लिए बच्चों पर इन्हीसार‌ होना इस हालत‌ के लिए जिम्मेदार है।

रिपोर्ट में हैरान करने वाली एक बात ये भी है कि 55 पर्सेट बुजुर्ग इस दर्द भरी हालत‌ की शिकायत किसी से नहीं करते। 80 पर्सेट मामलों में एसे खानदान‌ की इज्जत बचाए रखने के लिए किया जाता है।

जब बुजुर्गो से ही इस परेशानी का हल पूछा गया तो 62 फीसद का कहना था कि बच्चों को अच्छे संस्कार और आदतों का पाबंद बनाया जाए, तो मुश्किलें आसान हो सकती हैं। वहीं, 38 फीसद बुजुर्गो ने कहा कि अच्छी पेंशन जैसी कुछ सुविधाएं मिलने से अगर वे आर्थिक रूप से मजबूत हो जाएं, तो ये दिक्कत खुद-ब-खुद दूर हो जाएगी।

दिल्ली- एनसीआर

30 फीसद सीनियर सिटिजंस सताए जाते हैं

-60 फीसद बेटों के कारण

-24 फीसद बहुओं की वजह से

-16 फीसद अन्य लोगों से परेशान

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