बुरहान उद्दीन रब्बानी ख़ुदकुश धमाका में जांबाहक़

बुरहान उद्दीन रब्बानी ख़ुदकुश धमाका में जांबाहक़
हमला आवरों ने पगड़ी में बम रख कर निशाना बनाया ,हामिद करज़ई का दौरा अमरीका मुख़्तसर

हमला आवरों ने पगड़ी में बम रख कर निशाना बनाया ,हामिद करज़ई का दौरा अमरीका मुख़्तसर
काबुल । 20 । सितंबर (ए पी) अफ़्ग़ानिस्तान के एक बुज़ुर्ग-ओ-बाअसर रहनुमा-ओ-साबिक़ सदर बुरहान उद्दीन रब्बानी आज एक ख़ुदकुश बमबार हमले में जांबाहक़ होगए । रब्बानी तालिबान तख़रीब कारों के साथ राबिता के क़ियाम से मुताल्लिक़ सरकारी अमन कौंसल के सरबराह भी थे । ख़ुदकुश बमबार ने धमाका ख़ेज़ मवाद अपनी पगड़ी में छिपा रखा था जिस के धमाका से मिस्टर रब्बानी के इलावा उन के चार बॉडी गारडज़ और एक कलीदी सदारती मुशीर भी हलाक होगए । काबुल पुलिस में जराइम के तहक़ीक़ाती शोबा के सरबराह मुहम्मद ताहिर ने कहा कि पगड़ी पोश बमबार आज शाम मिस्टर रब्बानी की रिहायश गाह में दाख़िल होने के बाद ख़ुद को धमाका से अड़ालया था। इस वाक़िया के फ़ौरी बाद अफ़्ग़ान सदर हामिद करज़ई ने जो अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की जनरल असैंबली के इजलास से ख़िताब के लिए अमरीका में हैं अपने दौरा को मुख़्तसर करते हुए वतन वापसी का ऐलान किया है । मिस्टर रब्बानी की अचानक मौत से इस मुल्क में 10 साल से जारी जंग के बाद क़ियाम अमन के लिए उन की कोशिशों को ज़बरदस्त धक्का लगा है । 10 साल तवील लड़ाई का सयासी हल तलाश करने केलिए सदर करज़ई ने साबिक़ सदर रब्बानी की क़ियादत में आला सतही अमन कौंसल तशकील दिया था। 1996 ए- में तालिबान हुक्मरानी के आग़ाज़ से क़बल बुरहान उद्दीन रब्बानी इस मलिक के सदर थे । अफ़्ग़ानी सियासत में इन का शुमार एक दानिशमंद-ओ-ज़हीन बुज़ुर्ग की हैसियत से किया जाता था जो तालिबान के मुख़ालिफ़ शुमाली इत्तिहाद के सरबराह थे । मिस्टर रब्बानी अमरीकी सरपरस्ती में तालिबान से राबिता क़ायम करते हुए अमन समझौता करना चाहते थे जिस की अब मुस्तक़बिल क़रीब में कोई उम्मीद नहीं है।
अमन की ताक़तवर आवाज़ ख़ामोश होगई: हिंदूस्तान
अफ़्ग़ानिस्तान की आला अमन कौंसल के सरबराह बुरहान उद्दीन रब्बानी के क़तल की सख़्त मुज़म्मत करते हुए हिंदूस्तान ने कहा है कि अलमीया ये है कि नफ़रत परस्त-ओ-दहश्तगर्द कुव्वतों ने अमन की एक और ताक़तवर आवाज़ को हमेशा के लिए ख़ामोश करदिया है । हिंदूस्तान ने अफ़्ग़ानिस्तान के लिए साबित क़दमी के साथ अपना ताईद का इआदा किया। वज़ीर-ए-ख़ारजा ऐस ऐम कृष्णा ने कहा कि वो बरबरीयत अंगेज़ के इस बदतरीन वाक़िया की सख़्त मुज़म्मत करते हैं।
नासा का नाकारा सटलाइट 23 सितंबर को ज़मीन से टकराने का ख़दशा
न्यूयार्क । 20 सितंबर । ( एजैंसीज़ ) अमरीकी ख़लाई इदारा नासा का 6.5 टन वज़नी नाकारा सटलाइट तेज़ी से ज़मीन की तरफ़ बढ़ रहा है । अमरीकी एवईशन और नासा ने ख़बरदार किया है कि सटलाइट 23 सितंबर को फ़िज़ा में दाख़िल होगा। नासा माहिरीन 1991 -ए-से ये सटलाइट पर नज़र रखे हुए हैं। अंदाज़न ये सटलाइट ज़मीन के मदार में दाख़िल होते ही जल जाएगा। ताहम इस के 26 टुकड़े ज़मीन तक पहुंचने का ख़दशा है,जिन का वज़न पाँच सौ ग्राम से डेढ़ सौ किलो ग्राम तक हो सकता है। नासा के मुताबिक़ जानी नुक़्सान के इमकानात इंतिहाई कम हैं। अभी ये मालूम नहीं होसका कि सटलाइट के टुकड़े किस इलाक़े में गिरींगे। हुक्काम का कहना है कि मलबा तक़रीबन 800 किलो मीटर इलाक़े में फैल सकता है

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