बुलंदशहर: अगर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उनके सिर पर रखा जाएगा इनाम- एसएसपी

बुलंदशहर: अगर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उनके सिर पर रखा जाएगा इनाम- एसएसपी
Bulandshahr: Policemen inspect after several vehicles were set on fire by a mob during a protest over the alleged illegal slaughter of cattle, in Bulandshahr, Monday, Dec. 03, 2018. According to Additional Director General of Meerut zone Prashant Kumar, protesters from Mahaw village and nearby areas pelted stones on the police and indulged in arson setting several vehicles and the Chingarwathi Police Chowki on fire. (PTI Photo) (PTI12_3_2018_000176B)

बुलंदशहर के नए एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि एसआईटी स्याना में हुई हिंसा मामले की जांच कर रही है. हिंसा के कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कुछ के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. हम लोग जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रहे हैं अगर ऐसा नहीं हो पाता है तो उनके सिर पर इनाम रखा जाएगा.

बता दें कि बीते 3 दिसंबर को स्याना कोतवाली क्षेत्र के चिंगरावठी इलाके में कथित गोकशी के मामले को लेकर भीड़ से संघर्ष में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह शहीद हो गए थे. इसके अलावा सुमित नामक एक युवक की भी मौत हो गई थी. इस मामले में जितेंद्र समेत 27 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. इनमें से अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

बुलंदशहर हिंसा मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं और नए वीडियो सामने आए हैं. सोमवार तीन दिसंबर को बुलंदशहर में हुई हिंसा के मामले में आरोपी बजरंग दल के नेता योगेश राज के बाद एक और आरोपी शिखर अग्रवाल का वीडियो सामने आया था और उसने भी खुद को निर्दोष बताया है. शिखर अग्रवाल स्याना में बीजेपी नगर युवा मंच का नगरअध्यक्ष भी है.

शिखर का कहना है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की वजह से माहौल बिगड़ा. उसने आरोप लगाया कि सुबोध कुमार सिंह पूरे मामले में एक बार भी मौके पर नहीं आए. शिखर ने कहा अगर उसकी गलती है तो पुलिस उसे सूली पर लटका दे और अगर नहीं है तो उसके साथ कुछ ना किया जाए. शिखर ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवा उठाए हैं.

क्या है पूरा मामला

बीती 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के एक खेत में गोकशी की आशंका के बाद बवाल शुरू हुआ था. जिसकी शिकायत मिलने पर सुबोध कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे. इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही थी, इतने में ही तीन गांव से करीब 400 लोगों की भीड़ ट्रैक्टर-ट्राली में कथित गोवंश के अवशेष भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास पहुंच गई और जाम लगा दिया. इसके बाद भीड़ ने हाइवे जाम कर दिया. इसी दौरान भीड़ जब उग्र हुई तो पुलिस ने काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े और जल्द ही वहां फायरिंग भी होने लगी. जिसमें सुबोध कुमार घायल हो गए और एक युवक भी जख्मी हो गया. सुबोध कुमार को अस्पताल ले जाने से रोका गया और उनकी कार पर जमकर पथराव भी किया गया.

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