बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज दिल्ली में, हिंदू संगठन के बड़े नेता के घर मिली लोकेशन!

बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज दिल्ली में, हिंदू संगठन के बड़े नेता के घर मिली लोकेशन!

त्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा मामले का मुख्य आरोपी योगेश राज को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन दिल्ली और उसके आसपास इलाके में मिली है। पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि योगेश राज दिल्ली में एक हिंदू संगठन के नेता के घर में शरण लिए हुए है।

पुलिस वहां दबिश नहीं दे रही है। वहीं पुलिस उन नेता के घर और आसपास नजर रखे हुए है। बताया जा रहा है कि योगेश के बाहर निकलने का मौका तलाशा जा रहा है। योगेश राज पर आरोप है कि उसने ही भीड़ को उकसाया था और इसके बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिसवालों पर हमला किया। इस हमले में यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध सिंह सहित दो लोगों की मौत हो गई।

विडियो जारी होने के बाद उठे सवाल
योगेश राज की गिरफ्तारी न करने को लेकर पुलिस पर शुरू से ही सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस को शुरू से ही योगेश की लोकेशन पता थी लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जा रहा था। बुधवार को यह तब साबित हो गया जब योगेश ने विडियो जारी करके अपना पक्ष रखा। अगर पुलिस चाहती तो इसी विडियो के आधार पर योगेश की लोकेशन पता करके उसे गिरफ्तार कर सकती थी।

गायब होने के बाद से ही मिल रही थी लोकेशन
घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए योगेश राज गायब हो गया था। पुलिस को शुरू में उसके मोबाइल की लोकेशन मेरठ, हापुड़ और गाजियाबाद की मिली। उसके बाद उसके मोबाइल की लोकेशन दिल्ली में मिलने लगी।

27 लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
स्याना क्षेत्र में हुई हिंसात्मक घटना में आरोपी बजरंग दल के नेता योगेश राज समेत 27 लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस आसपास के गांव में दबिश दे रही है। हालांकि, पुलिस के हाथ कुछ नहीं लग रहा है। आरोप है कि झुंझलाहट में पुलिस महिलाओं से अभद्रता करने लगी है।

बुलंदशहर हिंसा: योगेश राज ने दी थी चेतावनी, गोकशी हुई तो त्‍योहार बिगड़ जाएगा
इंस्पेक्टर की लूटी गई पिस्तौल की योगेश को है जानकारी!
योगेश राज को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की तीन टीमें लगी हुई हैं। पुलिस को शक है कि वह इंस्पेक्टर की पिस्टल के बारे में जानता है। इंस्पेक्टर की .32 बोर की पिस्टल हिंसा के दौरान लूट ली गई थी। इंस्पेक्टर के तीन मोबाइल भी लूट लिए गए थे। इनमें एक मोबाइल में सरकारी नंबर चल रहा था।

साभार- नवभारत

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