बुलंदशहर हिंसा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिम्मेदारः पॉपुलर फ्रंट

बुलंदशहर हिंसा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिम्मेदारः पॉपुलर फ्रंट

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के महासचिव एम. मोहम्मद अली जिन्ना ने मीडिया को जारी एक बयान में बुलंदशहर में संघ परिवार की हिंसक कार्यवाही और पुलिस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह और सुमित नामक युवक की हत्या का जिम्मेदार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ठहराया है।

जो कुछ भी हुआ वह कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि यह गाय के नाम पर हो रही आतंकवादी कार्रवाहियों के सिलसिले की ही एक कड़ी है, जो कि यूपी में योगी सरकार बनने के बाद से एक आम बात हो चुकी है।

ऐसा भी पहली बार नहीं हुआ है कि खुद योगी की बनाई हुई हिंदू युवा वाहिनी के गुंडे गौरक्षा के नाम पर इंसानों को भीड़तंत्र की हिंसा का निशाना बनाने में आगे आगे पाए गए हैं। योगी ने लोकतांत्रिक देश भारत के इस बड़े राज्य को नीचा दिखाते हुए इसे जानवरों का फार्म बना दिया है, जहां जंगल राज चलता है, जहां सिर्फ गायं सुरक्षित हैं और मानव जीवन निशाने पर है।

संघ परिवार द्वारा बढ़ाये जा रहे गौ-आतंकवाद ने ऐसे खतरनाक हालात पैदा कर दिए हैं जहां मुसलमानों और दलितों को सिर्फ गाय की खरीदो फरोख्त करने या बीफ खाने के आरोप में सांप्रदायिकता के जुनून में बेकाबू भीड़ पीट-पीटकर मार डालती है। इस संदर्भ में पुलिस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के परिजनों की ओर से की गई शिकायत को अनदेखा नहीं किया जा सकता जिसमें यह कहा गया है कि उन्हें एक साजिश के तहत क़त्ल किया गया है, क्योंकि वह अखलाक़ लिंचिंग मामले की जांच कर रहे थे। गाय के नाम पर हत्या के इस नए दौर में यह संदेश भी दिया जाने लगा है कि भीड़तंत्र की हिंसा के मामलों की ईमानदारी से जांच करने वाले अधिकारी भी अब नहीं छोड़े जायेंगे।

पुलिस की शुरुआती जांच और गवाहों की गवाही यह बताती है कि बुलंदशहर हिंसा सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की एक सोची समझी साजिश थी। सभी मौजूद सुबूत यह कह रहे हैं कि गन्ने के खेत में गाय के टुकड़े लटकाने में खुद हिंदुत्व तत्वों का हाथ है। क्षेत्र में आयोजित मुसलमानों की जनसभा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य की भी जांच की जानी चाहिए।

मोहम्मद अली जिन्ना ने इस कांड के पीछे असल साजिश को बेनकाब करने के लिए जजों के एक पैनल द्वारा इसकी न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने राज्य को योगी सरकार के कुशासन से बचाने के लिए राष्ट्रपति से भी हस्तक्षेप करने की अपील की।

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