Monday , December 18 2017

बेजा रसूमात और फुज़ूलखर्ची मुस्लिम मुआशरा का नासूर

तांडोर,30 जनवरी: अलमोमिन वेलफेर ट्रस्ट की जानिब से मुनाक़िदा इजतिमाई शादीयों की परासर तक़रीब में सदारती ख़िताब करते हुए सिद्दी पेट‌ के एम एल सी फ़ारूक़ हुसैन ने ट्रस्ट के ज़िम्मेदारों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि इजतिमाई शादियां सि

तांडोर,30 जनवरी: अलमोमिन वेलफेर ट्रस्ट की जानिब से मुनाक़िदा इजतिमाई शादीयों की परासर तक़रीब में सदारती ख़िताब करते हुए सिद्दी पेट‌ के एम एल सी फ़ारूक़ हुसैन ने ट्रस्ट के ज़िम्मेदारों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि इजतिमाई शादियां सिर्फ़ मुसलमानों की ही नहीं दीगर अक़्वाम की भी ज़रूरत बन गई हैं।

उन्होंने मज़ीद कहा कि तांडोर में अलमोमिन ट्रस्ट ने पाँच ग़रीबो नादार मुस्लिम लड़कीयों की इजतिमाई शादीयों का एहतिमाम करते हुए क़ौम के अहल स्रोत अफ़राद को जगाया है। अब ये अहल स्रोत अफ़राद का काम है कि वो इस सिलसिले में आगे आएं। फ़ारूक़ हुसैन ने मुक़ामी रुकन असेम्बली-ओ-दीगर क़ाइदीन जिन्होंने मज़कूरा तक़रीब में माली तआवुन पेश किया अगरचे कि डा. पी महिन्द्र रेड्डी किसी वजह से इस तक़रीब में हाज़िर नहीं होसके ताहम मौसूफ़ ने फ़ी जोड़ा ( दुल्हा दुल्हन ) को 5 हज़ार रुपये अतीया का ऐलान किया।

इसी तरह इंचार्ज कांग्रेस हलक़ा असेम्बली तांडोर एम रमेश ने फ़ी जोड़ा 3हज़ार रुपये और वी एन गौड़ साबिक़ सदर बलदिया
ने 1100 रुपये का ऐलान किया, और नौ ब्याहता जोड़ों को मुबारकबाद दी। मज़कूरा तक़रीब में अबदुल क़ादिर सदरे मिल्लते इस्लामीया सिद्दी पेट, फ़ख़रुद्दीन सदर अक़ल्लीयती सेल ज़िला कांग्रेस मेदक ने मेहमानान ख़ुसूसी की हैसियत से शिरकत की और अपने ख़्यालात का इज़हार किया।

इजतिमाई शादीयों की तक़रीब को मुख़ातब करने वाले मुक़ामी क़ाइदीन में अबदुल आहद सदर मुस्लिम वेलफेर, ख़ुरशीद हुसैन, ऐम रमेश, वी एस गौड़ शामिल हैं। जबकि कारवाई का आग़ाज़ हाफ़िज़ शकील अहमद निज़ामी नायब क़ाज़ी की तिलावते कलाम पाक से हुआ, और निज़ामत के फ़राइज़ सयद असग़र हुसैन ख़ाज़िनुल मोमिन ट्रस्ट ने अंजाम दिए। तक़रीब के एहतिमाम से पहले मुहम्मद मुख़तार नायब सदरुल मोमिन वेलफेर ट्रस्ट ने दो साला कारकर्दगी की रिपोर्ट पेश की और ख़लीलुल्लाह शरीफ़ ने शुक्रिया अदा किया।

इस मौक़े पर लियाक़त अली, अबदुलनैइम‌ अ़फ़्व, मुहम्मद इर्फ़ान, मौलाना अबदुल्लाह अतहर, अदीबुर्रहमन, जावेद ख़लक़, मुहम्मद सिद्दीक़-ओ-दीगर मौजूद थे। क़ाबिल-ए-सताइश बात ये रही कि सदर क़ाज़ी ज़ियाउद्दीन सिद्दीक़ी और नायब क़ाज़ी हाफ़िज़ शकील अहमद निज़ामी ने बिला मुआवज़ा ख़ुत्बा निकाह पढ़ा और ज़रूरी कारवाई अंजाम दी।

TOPPOPULARRECENT