बैंकों की शाख़ें खोलने हिंद – पाक बात-चीत आख़िरी मराहिल में

बैंकों की शाख़ें खोलने हिंद – पाक बात-चीत आख़िरी मराहिल में
हिंदुस्तान और पाकिस्तान की मर्कज़ी बैंकों की कराची और मुंबई में शाख़ें खोलने की बात-चीत आख़िरी मरहला में पहूंच गई है। बाहमी तिजारती ताल्लुक़ात को मामूल पर लाने के इक़दामात के एक हिस्सा के तौर पर ये बात-चीत जारी है।

हिंदुस्तान और पाकिस्तान की मर्कज़ी बैंकों की कराची और मुंबई में शाख़ें खोलने की बात-चीत आख़िरी मरहला में पहूंच गई है। बाहमी तिजारती ताल्लुक़ात को मामूल पर लाने के इक़दामात के एक हिस्सा के तौर पर ये बात-चीत जारी है।

हिंदुस्तानी सफ़ीर टी सी ए राघवन ने इन्किशाफ़ किया कि बैंकों की शाख़ें खोलने की बात-चीत आख़िरी मरहला में है और ये दोनों ममालिक का एक अज़ीम कारनामा होगा क्योंकि इस के नतीजे में दोनों ममालिक की बरामदाती और दरामदाती तिजारत में इज़ाफ़ा मुम्किन है।

रोज़नामा डॉन की इत्तिला के बामूजिब हिंदुस्तानी सफ़ीर राघवन तिजारती और सनअती शोबा के क़ाइदीन से ज़ोहराने पर मुनाक़िदा इजलास में ख़िताब कर रहे थे जिस का एहतेमाम पाकिस्तानी चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री के फ़ेडरेशन ने कराची में किया था।

स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान ने हाल ही में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया को मकतूब रवाना करते हुए ख़ाहिश ज़ाहिर की है कि 3 पाकिस्तानी बैंकें हिंदुस्तान में शाख़ें क़ायम करना चाहती हैं।

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