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बैंक काम करें, वरना हुकूमत दूसरा रास्ता तलाशेगी

गाव को बैंकों से जोड़ने की जरूरत है। लोन देने में सखावत दिखानी होगी। रियासत में बैंकों का सीडी रेशियो तसल्ली बख्श नहीं है। बैंक काम करें, वरना हुकूमत सोचेगी। मजकुरह बातें रियासत के वजीरे खज़ाना राजेंद्र सिंह ने कही। मिस्टर सिंह

गाव को बैंकों से जोड़ने की जरूरत है। लोन देने में सखावत दिखानी होगी। रियासत में बैंकों का सीडी रेशियो तसल्ली बख्श नहीं है। बैंक काम करें, वरना हुकूमत सोचेगी। मजकुरह बातें रियासत के वजीरे खज़ाना राजेंद्र सिंह ने कही। मिस्टर सिंह एसएलबीसी की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बैंक के पैसे डूब रहे हैं, तो बतायें। हुकूमत मदद करेगी। बेवजह लोगों को तंग नहीं किया जाये। रिपेमेंट मामले में काफी शिकायतें आ रही हैं।

चीफ़ सेक्रेटरी आरएस शर्मा ने माइक्रो एटीएम बढ़ाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि बैंक करीब होने से लोगों में बचत की आदत बनती है। बैंकिंग निजाम सादाह करने की जरूरत है।

इससे पहले तरक़्क़ी कोमीशनर एके सरकार ने कहा कि रियासत के देही इलाकों में बैंकिंग सहूलियत काफी नहीं है। प्रोग्राम में नाबार्ड के चीफ़ जेनरल मैनेजर केसी पांडा, रिजर्व बैंक के इलाकाई डाइरेक्टर एमके वर्मा, बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर आइएम मलिक, एसएलबीसी जेनरल मैनेजर आरएम प्रसाद समेत रियासत के चीफ़ सेक्रेटरी, बीएसएनएल के जेनरल मैनेजर ओम प्रकाश और बैंकों के चीफ़ अफसर मौजूद थे।

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