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बैरूनी दौरों पर पार्लिमेंट्री को ताज़ा एडवाइज़री

नई दिल्ली: बैरूनी तन्ज़ीमों और शख़्सियतों के ज़ेर-ए‍-एहतेमाम बैरून-ए-मुल्क दौरा करते हुए अरकान-ए‍-पार्लिमेंट को ये यक़ीनी बनाना चाहिए कि उनके कोई भी सरगर्मी से ऐसा ग़ैर दानिस्ता तास्सुर ना मिलने पाए कि वो पार्लियामेंट की तरफ़ से सरकारी दौरा पर हैं।

नीज़ मेज़बानी क़बूल करने से क़बल अरकान को अपने तौर पर इस ईवंट का एहतेमाम करने वाली तंज़ीम या इदारे के ताल्लुक़ से अच्छी तरह इतमीनान कर लेना चाहिए। ये बातें राज्य सभा सिक्योरिटी की तरफ‌ से पार्लिमेंट्रीस को जारी करदा ताज़ा सलाह का हिस्सा हैं। इस में कहा गया कि किसी भी किस्म की ताख़ीर को टालने के लिए अरकान को चाहिए कि बैरूनी सफ़र के ज़िमन में अपनी दरख़ास्तें विज़ारत अमोरदाख़ला को सफ़र की मुजव्वज़ा तारीख़ से कम अज़ कम दो हफ़्ते पहले भेजें।

राज्य सभा सेक्रिट्रेट‌ जनरल सू मुशीर शेरिफ की जारी करदा एडवाइज़री में मज़ीद कहा गया कि अरकान को बैरूने मुल्क‌ का सफ़र करने से क़बल ये यक़ीनी बना लेना चाहिए कि विज़ारत उमोर दाख़ला की दरकार इजाज़त हासिल हो चुकी है क्योंकि महज़ दरख़ास्त भेज देना क़ानूनी इजाज़त मिल जाना नहीं होता। एम अज़ को बैरून-ए-मुल्क रवानगी से क़बल वज़ारत अमोरख़ारजा से सयासी मंज़ूरी के हुसूल को भी यक़ीनी बनाना चाहिए|

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