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बैरूनी फंड्स के बेजा इस्तेमाल की आम शिकायतें

नई दिल्ली: हुकूमत ने गैर सरकारी तनज़ीमों की जानिब से बैरूनी फंड्स के बेजा इस्तेमाल और ग़बन से मुताल्लिक़ 17 कसीस सी बी आई से रुजू कर दिए हैं जब कि दीगर 10 केस की तहकीकात रियासती पुलिस कर रही है। मुमलिकती वज़ीर दाख़िला किरण रिजीजू ने बताया कि रज़ाकाराना तनज़ीमों की जानिब से बैरूनी फंड्स के बेजा इस्तेमाल ग़बन के शिकायात अवाम और सिक्योटी इदारों से वसूल हो रही है।

बैंक खातों का मुशाहिदा और जांच पड़ताल के बाद 17 केस सी बी आई और 10 केस रियासती पुलिस से रुजू किए गए हैं। उन्होंने लोक सभा में एक तहरीरी जवाब देते हुए कहा कि 23 एन जी औज़ के खाते मुंजमिद और दीगर 20 एन जी औज़ के ख़िलाफ़ बैरूनी फंड्स की वसूली पर तहदेदात और एक अन्न जी ओ का रजिस्ट्रेशन मंसूख़ कर दिया गया।

मिस्टर किरण रिजीजू ने मज़ीद बताया कि साल 2014 में0,343 एसोसीएशन‌ को मुसलसल तीन साल तक सालाना हिसाब किताब पेश ना करने पर नोटिसें जारी की गई है। और नोटिस का जवाब देने से क़ासिर 10,117 तनज़ीमों के मार्च 2015 में रजिस्ट्रेशन मंसूख़ कर दिए गए । मर्कज़ी वज़ीर ने बताया कि एक‌ दिसंबर 2015 तक फ़ौरन कन्ट्री बेविशन ( रेगूलेशन ) एक्ट 2010 के तहत जुमला 33,458 रज़ाकाराना तनज़ीमों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है जिन्हें साल 2013-14 में 13,052 करोड़ और साल 2014-15 में 5,246 करोड़ बैरूनी एतियात वसूल हुए हैं ।

उन्होंने कहा कि एन जी औज़ की जानिब से बैरूनी एतियात के इस्तेमाल में शफ़्फ़ाफ़ियत पैदा करने के लिये बहुत जल्द FCRA रोलज़ 2011 में तरमीम की जाएगी।

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