Tuesday , December 12 2017

बोडो मज़ालिम के ख़िलाफ़ आसाम के मुस्लमानों का इलम बग़ावत

मनीजिंग ऐडीटर रोज़नामा सियासत हैदराबाद जनाब ज़हीरउद्दीन अली ख़ान ने आसाम का दुबारा दौरा किया ताकि पिछ्ले दौरे के बाद होने वाली पेशरफ़त का जायज़ा लिया जा सके।

मनीजिंग ऐडीटर रोज़नामा सियासत हैदराबाद जनाब ज़हीरउद्दीन अली ख़ान ने आसाम का दुबारा दौरा किया ताकि पिछ्ले दौरे के बाद होने वाली पेशरफ़त का जायज़ा लिया जा सके।

आसाम के एक लाख 30 हज़ार बंगाली मुस्लमान हनूज़ पनाह गज़ीन कैम्पों में ना गुफ़्ता बह हालात में रहते हैं। 15×15 गुंजाइश के एक कमरे में कम से कम 25 लोग क़ियाम करने पर मजबूर हैं।

ग़ुसलख़ाने और बैत उल-खला का कोई इंतेज़ाम नहीं है। इसलिए पर्दे लटकाकर ये पनाह गज़ीन अपनी ज़रूरीयात से फ़ारिग़ होने और ग़ुसल करने पर मजबूर होगए हैं। यहां तक कि ख़वातीन(और‌तो) के लिए भी कोई मुनासिब (ठीक तरह‌ का )इंतेज़ाम नहीं किया गया है।

बोडो क़बायली(आदिवासी) इन मुस्लमानों को लगातार हिरासाँ कर रहे हैं। तंग आमद(आने) बजंग आमद के मिस्दाक़ ये मजबूर और मज़लूम पनाह गज़ीन मुस्लमान अब बोडो क़बाईल की हुर्रा सानी के ख़िलाफ़ इलम बग़ावत बुलंद करने पर मजबूर होगए हैं क्योंकि हकूमत-ए-हिन्द और हुकूमत आसाम की तरफ‌ से बेघर होने वाले मजबूर और परेशान हाल मुस्लमानों की बाज़ आबादकारी केलिए कोई नुमायां कोशिश नहीं की जा रही है।

मुक़ामी मुस्लमानों में इस की बिना पर ये एहसास पैदा होगया है कि पिछ्ले चुनाव‌ में उन्हों ने कांग्रेस की ताईद में वोट दे कर बहुत बड़ी ग़लती की थी। मैनेजिंग ऐडीटर रोज़नामा सियासत के मुनाक़िद करदा जल्सा-ए-आम में आसाम के एक देहात में जहां तक़रीबन 7 हज़ार मुस्लमानों की आबादी है, 5 हज़ार मुस्लमानों ने जलसे में शिरकत की और ऐलान किया कि ग़ैर बोडो अफ़राद बिशमोल राजवंशी, अहोमस और मुस्लमान वग़ैरा बोडो क़बाईल की मुसलसल हरासानी और जबर-ओ-तशद्दुद के(हिंसा के) ख़िलाफ़ मुत्तहदा तौर पर एक तहरीक चलाईंगे।

इस अह्द में ग़ैर बोडो आबादी के 75 फ़ीसद अफ़राद ने हिस्सा लिया। आसाम के मुस्लिम तलबा की तालीमी पसमांदगी के पेशे नज़र इदारा सियासत ने फ़ैसला किया है कि इन के लिए 4 माह मुद्दत के ख़ुसूसी कोचिंग कैंपस मुनाक़िद किए जाऐंगे। इन कैंपस में 8 स्कूलस के तलबा को मुंतख़ब करके ख़ुसूसी कोचिंग फ़राहम की जाएगी। अलावा अज़ीं ज़हीन और आला तालीम हासिल करने के ख़ाहिशमंद ग़ैर बोडो तलबा को इंजीनीयरिंग, बी काम और पैरा मैडीकल कोर्सेस में तालीम दिलवाने का हैदराबाद में मौक़ा फ़राहम किया जाएगा।

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