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बोधगया सीरियल ब्लास्ट: CCTV से मिले अहम सुराग

गया, 9 जुलाई: बोधगया सीरियल ब्लास्ट की जांच में जुटी सेक्युरिटी एजेंसियों को अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच एजेंसियों की नजर सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे उन छह मुश्तबा पर आकर टिक गई है, जो धमाकों से कुछ देर पहले बैग लेकर महाबोधि मंदिर की

गया, 9 जुलाई: बोधगया सीरियल ब्लास्ट की जांच में जुटी सेक्युरिटी एजेंसियों को अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच एजेंसियों की नजर सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे उन छह मुश्तबा पर आकर टिक गई है, जो धमाकों से कुछ देर पहले बैग लेकर महाबोधि मंदिर की ओर गए थे।

इन छह मुश्तबा में एक लड़की भी है। इस मुकाम को दहलाने के लिए दहशतगर्दों ने महाबोधि मंदिर आहाते में और इसके अतराफ 13 बम रखे थे, जिनमें से दस में धमाका हुआ। एक दिगर शख्स को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।

पीर के दिन जांच एजेंसियों ने महाबोधि मंदिर अहाते के अंदर व बाहर लगे सभी 16 सीसीटीवी में रिकॉर्ड फुटेज को बारीकी से खंगाला।

एक फुटेज में हफ्ते की रात करीब एक बजे तीन शख्स महाबोधि मंदिर की ओर जाते दिख रहे हैं। उनके हाथ में एक थैला भी था। एक शख्स अपने जिस्म पर चादरनुमा कोई कपड़ा डाले हुए है।

बोधगया इंतेज़ामिया कमेटी (बीटीएमसी) दफ्तर के ठीक सामने बनी पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस अहलकार इन शख्सों को रोकते भी हैं, उनसे बात भी करते हैं। हाथ से इशारा कर शख्सों को महाबोधि मंदिर की ओर कुछ बताते भी हैं।

इसके बाद तीनों शख्स महाबोधि मंदिर की ओर बढ़ जाते हैं। करीब 10-15 मिनट के बाद ये तीनों शख्स अलग-अलग दूरी बनाकर वापस लौट जाते हैं। इसके करीब दो घंटे बाद वाहन से दो शख्स और एक लड़की वहां पहुंचते हैं।

पुलिस वाले उनसे कुछ पूछते हैं और तीनों महाबोधि मंदिर की ओर बढ़ जाते हैं। करीब 10 मिनट बाद तीनों वापस लौट जाते हैं, लेकिन इन तीनों के लौटने के वक्त में कुछ फर्क भी पाया गया। लड़की जिस शख्स के साथ मंदिर की ओर गई थी, उसके बजाय दूसरे शख्स के साथ वापस आती है।

इतवार तड़के करीब 5:25 बजे से छह बजे के बीच महाबोधि मंदिर में धमाके हुए और इसके कुछ घंटे पहले अलग-अलग वक्त में रात के अंधेरे में पांच शख्स और एक लड़की के हाथ में बैग लेकर जाने का मामला आफीसरों को शकके दायरे मे ला रहा है। एनआईए और एनएसजी की टीमें इन छह लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।

16 नंबर सीसीटीवी फुटेज से मिले छह मुश्तबा अफरादों के हुलिया की बुनियाद पर उनकी पहचान करने के लिए एनआईए और एनएसजी की टीमों ने बोधगया में बैंक, एटीएम व होटलों में लगे सीसीटीवी रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

इस बीच, वज़ीर ए दाखिला सुशील शिंदे ने भी तदसदीक की कि 10 धमाके हुए, जबकि 3 बमों को नाकारा कर दिया गया। इससे पहले इतवार को नौ ब्लास्ट होने की बात कही गई थी।

हिरासत में लिए गए गया जिले के बाराचट्टी के विनोद कुमार से एनआईए, एनएसजी और पुलिस के आफीसर पूछताछ कर रहे हैं।

बिहार के डीजीपी अभयानंद ने बताया कि धमाकों के बाद विनोद का वोटर आई कार्ड मंदिर अहाते में पड़ा मिला था। एनआईए और एनएसजी की टीम ने मौके से सैंपल भी इकट्ठे किए हैं।

वाकिया के वक्त मंदिर अहाते में तैनात रहे निजी सेक्युरिटी एजेंसी के ओहदेदारों से भी पूछताछ की जा रही है।

एनएसजी ने वज़ारत ए दाखिला को भेजी अपनी इब्तेदायी रिपोर्ट में कहा है कि धमाकों में अमोनियम नाइट्रेट और सल्फर का इस्तेमाल किया गया। कम ताकत वाले बमों ने आईईडी जैसा काम किया। धमाका क्लॉक टाइमर से किया गया। हर बम चार-पांच किलो का था और इसमें छोटा सिलेंडर भी लगा था।

माना जा रहा है कि दहशगर्दों ने धमाकों को अंजाम देने के लिए मुल्क में पहली मर्तबा सिलेंडर टेक्निक का इस्तेमाल किया है। बिहार के डीजीपी अभयानंद ने बताया कि हर बम पर उर्दू और अंग्रेजी में लिखा था कि इसे कहां नसब करना है।

बिहार के वज़ीर ए आला नीतीश कुमार ने कहा है कि महाबोधि मंदिर की सेक्युरिटी सीआईएसएफ के हवाले करने के लिए तजवीज तैयार कर मरकज़ी हुकूमत को भेजा जाएगा।

बोधगया सीरियल ब्लास्ट और बगहा में पुलिस फायरिंग के खिलाफ सीनीयर लीडर और बिहार के साबिक नायब वज़ीर ए आला सुशील कुमार मोदी अनशन पर बैठ गए हैं।

मोदी पटना में गांधी मैदान पुलिस स्टेशन के करीब श्री कृष्णा मेमोरियल हॉल के बाहर अनशन पर बैठे हैं। उनके साथ बीजेपी ( के रियासती सदर मंगल पांडे और दूसरे लीडर भी अनशन पर बैठे हैं।

———–बशुक्रिया: अमर उजाला

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