Saturday , December 16 2017

बोसनियाई सरब अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की अदालत में नसल कुशी का मुजरिम क़रार दिया गया

यवगोसावीह के जंगी जराइम के ट्रब्यूनल ने साबिक़ सीनीयर बोसनियाई सरब फ़ौजी कमांडर को चहारशंबे के दिन यूरोप के बदतरीन क़तल-ए-आम के लिए जो दूसरी आलमगीर जंग के बाद इतना बदतरीन पहला वाक़िया था, नसल कुशी का मुजरिम क़रार

यवगोसावीह के जंगी जराइम के ट्रब्यूनल ने साबिक़ सीनीयर बोसनियाई सरब फ़ौजी कमांडर को चहारशंबे के दिन यूरोप के बदतरीन क़तल-ए-आम के लिए जो दूसरी आलमगीर जंग के बाद इतना बदतरीन पहला वाक़िया था, नसल कुशी का मुजरिम क़रार
देते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा की अदालत के जजों ने कहा कि जनरल ड्राइ को तोली मीर बोसनियाई सरब फ़ौजी सरबराह जनरल रीटको मिला डक के दस्त रास्तथे, जिन्हें 8 हज़ार मुस्लिम मर्दों और लड़कों के क़तल की साज़िश तैय्यार करने वाला बुनियादी शख़्स क़रार दिया जाता है। इन तमाम को मशरिक़ी बोसनिया में जुलाई 1995 में सरबरीनका की एक इमारत में हलाक कर दिया गया था। अदालत के सरबराह जज क्रिस्टोफ फ़लू अग ने कहा कि चुनांचे वही नसल कुशी के जुर्म के ज़िम्मेदार क़रार दिए जाते हैं।

उन्हें ना सिर्फ़ नसल कुशी के इरादा का इलम था बल्के उन्हों ने ख़ुद इस में हिस्सा लिया था।

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