Thursday , December 14 2017

ब्यास नदी हादिसा : मुझे मेरा बच्चा चाहिये

ब्यास नदी में आई बाढ़ में अपना बेटा खो चुकीं आयशा हुसैन ने कहा कि, ''मुझे मेरा बच्चा वापस चाहिए। कोई कसर नहीं छूटनी चाहिए। आयशा ने कहा कि हर कीमत पर उसका पता लगाया जाना चाहिए। अगर वह जिंदा नहीं है, तो मुझे अपने बेटे की लाश चाहिए।

ब्यास नदी में आई बाढ़ में अपना बेटा खो चुकीं आयशा हुसैन ने कहा कि, ”मुझे मेरा बच्चा वापस चाहिए। कोई कसर नहीं छूटनी चाहिए। आयशा ने कहा कि हर कीमत पर उसका पता लगाया जाना चाहिए। अगर वह जिंदा नहीं है, तो मुझे अपने बेटे की लाश चाहिए।

हैदराबाद के वी.एन.आर. विग्नाना ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नॉलजी के 19 लापता स्टूडेंट्स के 55 अहले खाना में से वह एक हैं, जो अपने बेटे और बेटियों की खबर पाने के लिए बेचैन हैं।

लापता स्टूडेंट के वालिद बी.बी. सुब्बा राव ने कहा कि मैं यह नहीं समझ पा रहा कि मेरा बेटा जो एक अच्छा तैराक था, कैसे बह गया। उन्होंने कहा कि डूबने वाले ज्यादातर स्टूडेंट्स बसलाहियत थे। उन्होंने कहा कि मॉडर्न टेक्नॉलजी के इस दौर में कई ऐसे ज़राये हैं, जिससे पानी में आदमी के हालात का पता लगाया जा सकता है।

अफसोस है कि वे अभी भी लाशों की तलाश के लिए गोताखोरों पर मुंहसिर हैं, जो बेहद ज्यादा वक्त लेनेवाली और बोझिल अमल है।
आंध्र प्रदेश सरकार में बांध इंजीनियर राव कहते हैं कि एनडीआरएफ और फौज के बचाव अहलकारों को हाईटेक थर्मल इमेजिंग आलात का इस्तेमाल करना चाहिए।

पीर के रोज़ खुसूसी तैय्यारे से लापता स्टूडेंट्स के वालिदैन यहां पहुंचे। ज़्यादातर वालिदैन ने एनडीआरएफ से बातचीत की और मांग की कि लाशों की खोज के लिए ज़ाए हादिसा और पंडोह बांध के बीच के 15 किलोमीटर के नदी के हिस्से को सुखा दिया जाए।

सरकारी ज़राये ने एनडीआरएफ के आफीसरों से कहा कि वे बच्चो के खानदान वालों को समझाएं कि लाश या तो कीचड़ में फंस गए हैं या पत्थरों से दब गए हैं। आफीसर ने बच्चो के घर वालों से कहा कि नदी के बहाव को रोकना नामुमकिन है, क्योंकि हरारत बढ़ने से ग्लेशियर पिघल रहे हैं, जिससे पानी और उसकी रफ्तार बढ़ रही है। इलाका भी ऐसा है कि नदी काफी तेज रफ्तार से बह रही है।

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