Monday , December 18 2017

ब्रह्मोस मीज़ाइल का कामयाब तज़ुर्बा

हिंदुस्तानी बहरिया ने एतवार को सुपरसोनिक क्रूज मीज़ाइल ब्रह्मोस का कामयाब तजुर्बा किया। 290 किलोमीटर तक की सलाहियत वाली यह मिसाइल 300 किलोग्राम हथियार ले जाने के काबिल है।

हिंदुस्तानी बहरिया ने एतवार को सुपरसोनिक क्रूज मीज़ाइल ब्रह्मोस का कामयाब तजुर्बा किया। 290 किलोमीटर तक की सलाहियत वाली यह मिसाइल 300 किलोग्राम हथियार ले जाने के काबिल है।

ज़राए के मुताबिक मीज़ाइल का गोवा साहिल से हिंदुस्तानी बहरिया की हिदायती मिज़ाइल (निर्देशित मिसाइल) फ्रिगेट आई एन एस तेग से मली टेस्ट किया गया। मिज़ाइल ने आला दर्ज़ा की महारत मुजाहिरा किया और हदफ कर्दा (लक्षित) जहाज को निशाना बनाया जिसमें अब भी आग लगी हुई है।

रूस के यांतर शिपयार्ड में बनाए गए आईएनएस तेग ने पिछले साल बहरिया में शामिल किए जाने से पहले रूस में टेस्ट के दौरान कामयाबी से मिसाइल दागी थी। दो दूसरे युद्धपोतों ( Warships) आईएनएस तरकश और आईएनएस त्रिकंद को इस बेहद खतरनाक मिज़ाइल से लैस किया जाएगा।

दिफा के अफसरान के मुताबिक दो मरहलो में होने वाली इस मिज़ाइल का पहला मरहला ( चरण) मजबूत और दूसरा रैमजेट लिक्विड प्रोपेलेंट है। इस मिसाइल को पहले ही फौज और बहरिया (नौसेना) में शामिल किया जा चुका है। इस मिज़ाइल का फिज़ाई एडीसन अंतिम मरहले में है।

हिंदुस्तान और रूस के मुश्तरका मंसूबे ( joint plan) से बनी इस मिज़ाइल की चौड़ाई 670 मिलीमीटर और वजन करीब तीन टन है। नौ मीटर लंबी इस मिज़ाइल के लिए राडार पर नजर आए बगैर सतह पर मौजूद ठिकानों को निशाना बनाना बेहद आसान है। यह मिज़ाइल कम निचाई पर भी उड़ सकती है।

वाजेह है कि आवाज़ से कई गुना रफ्तार वाली ब्रह्मोस मिज़ाइल दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइल है। ब्रह्मोस का नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की राजधानी मास्को की Life Line समझी जाने वाली नदी मस्कवा के नाम पर रखा गया है।

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