Saturday , February 24 2018

ब्रह्मोस मीज़ाईल का कामयाब तजुर्बा

हिंदूस्तान ने अपनी मीज़ाईल सलाहीयतों को मज़ीद तक़वियत पहुंचाने के मक़सद से आज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मीज़ाईल(supersonic cruise missile) का उड़ीसा के साहिली इलाक़ा चांदी पर पर वाक़्य मरबूत तजुर्बा गाह से कामयाब तजुर्बा किया । एक दिफ़ाई ओहदेदार ने तफ़सी

हिंदूस्तान ने अपनी मीज़ाईल सलाहीयतों को मज़ीद तक़वियत पहुंचाने के मक़सद से आज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मीज़ाईल(supersonic cruise missile) का उड़ीसा के साहिली इलाक़ा चांदी पर पर वाक़्य मरबूत तजुर्बा गाह से कामयाब तजुर्बा किया । एक दिफ़ाई ओहदेदार ने तफ़सीलात ब्यान करते हुए कहा इस मीज़ाईल को ज़मीनी मोबाईल लॉंचर्स के ज़रीया लॉन्च कामप्लेक़्स नंबर 3 से दिन के 1122 hours पर दाग़ा गया और ये तजुर्बा बिलकुल कामयाब रहा ।

ये सुपर सोनिक मीज़ाईल 290 किलोमीटर तक परवाज़ कर सकती है और 200 ता 300किलोग्राम वज़नी रिवायती वॉरहेडस ले जाने की सलाहीयत की हामिल है । हिंद । रूस मुशतर्का इदारे के तहत तैयार किए जाने वाले मीज़ाईल्स निज़ाम ब्रह्मोस ऐरो स्पेस के सरबराह सेवा थाणो पिल्लई ने कहा कि आज का तजुर्बा इंतिहाई कामयाब और अपने अंदाज़ में मुनफ़रद रहा ।

मिस्टर पिल्लई ने जो एक सरकर्दा हिंदूस्तानी दिफ़ाई साईंसदाँ हैं कहा कि आज की गई 29 वीं तजुर्बाती परवाज़ में ये मीज़ाईल 2.5 मैच की सुपर सोनिक रफ़्तार से परवाज़ की । एक दिफ़ाई ओहदेदार ने कहा कि ये क्रूज़ मीज़ाईल जो ज़मीन से ज़मीन पर वार करने वाली फ़ौजी तर्ज़ है इसको पहले सीनीयर फ़ौजी ओहदेदारों और दिफ़ाई तहक़ीक़ी इदारे डी आर डी ओ के सीनीयर साईंसदानों की मौजूदगी में दाग़ा गया था ।

उन्होंने कहा कि दो मराहिल पर मबनी इस मिज़ाईल का पहला हिस्सा स्केल और दूसरा स्याल पर मबनी है । जो पहले ही हिंदूस्तानी फ़ौज और बहरीया में शामिल किया जा चुका है । हिंदूस्तानी बहरीया में ब्रह्मोस मीज़ाईल निज़ाम पहली मर्तबा 2005 में शामिल किया गया जब कि इस को आई एन एस राजपूत में मुतआरिफ़ किया गया था जो अब फ़ौज के दोनों रेजीमेंट के साथ मुकम्मल तौर पर कारकर्द हो चुका है ।

इस ओहदेदार ने कहा कि फ़िज़ाई और आबदोज़ तर्ज़ के मीज़ाईल निज़ाम की तैयारी में पेशरफ़त हो रही है । फ़ौज ने अपने तीन रेजीमेंटस मैं ब्रहमोज़ मीज़ाईल की तैनाती के लिए अहकाम जारी कर चुकी है जब कि दो रेजीमेंटस मे नया मीज़ाईल्स शामिल किए जा चुके हैं और पूरी तरह कारकर्द है ।

वज़ारत-ए-दिफ़ा ने तीसरी रेजीमेंट को भी इस मीज़ाईल निज़ाम से लैस करने की मंज़ूरी दे दी है । तीसरी रेजीमेंट को चीनी सरहद से मतसला में तैनात किया जाएगा ।

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