Saturday , July 21 2018

ब्रिटेन पर UN में बरसा रूस- ‘आग से खेल रहे हो, पछताओगे’

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN सिक्योरिटी काउंसिल) में ब्रिटेन ने रूस पर पूर्व जासूस को जहर देने का आरोप लगाया. इस पर ब्रिटेन को चेताते हुए रूस ने कहा, “आप आग से खेल रहे हैं, इसके लिए आपको बाद में पछतावा होगा.” रूस ने पूर्व जासूस पर हमले से इनकार किया है.

सर्जेई सक्रिपल और उनकी बेटी यूलिया पर नर्व एजेंट अटैक के बाद यह दूसरा मौका है जब यूएन में ब्रिटेन और रूस आमने-सामने आए हैं. इससे पहले ब्रिटेन की रिक्वेस्ट पर 15 सदस्यीय सिक्योरिटी काउंसिल की 14 मार्च को बैठक हुई थी.

यूएन में रूस के राजदूत वासिली नेबेन्जिया ने कहा, “हमने अपने ब्रिटिश साथियों को बता दिया है कि वे आग से खेल रहे हैं और उन्हें इसके लिए पछताना पड़ेगा.” अपने 30 मिनट के भाषण में नेबेंजिया ने कहा कि ब्रिटेन ने मॉस्को पर जो भी आरोप लगाए हैं वे निराधार हैं. उन्होंने कहा, “जिस भी व्यक्ति ने ‘मिडसमर मर्डर्स’ जैसी ब्रिटिश टीवी क्राइम सीरीज देखी है उसे किसी को मारने के सैकड़ों तरीकों के बारे में जानकारी होगी.”

ब्रिटेन पुलिस का कहना है कि जासूसी के आरोपों से बरी होने के बाद सक्रिपल अपनी बेटी के साथ सालिस्‍बेरी के जिस घर में रह रहे थे उसके फ्रंट डोर पर किसी ने नर्व एजेंट रख दिया था. यूएन में ब्रिटेन के राजदूत कैरेन पियर्स ने कहा, “हमारे पास कुछ भी छिपाने के लिए नहीं है… लेकिन मुझे डर है कि रूस कुछ छिपा रहा है.”


रूस के पूर्व जासूस सर्जेई स्‍क्रीपल और उनकी बेटी यूलिया चार मार्च को ब्रिटेन के सालिस्‍बेरी में बेहोश पाए गए थे. आरोप है कि रूस ने दोनों पर हमला कराया था. रूस ने जासूस पर हमले के मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है.

इसके बाद 20 देशों ने ब्रिटेन के समर्थन में रूसी राजनयिकों को निकाल दिया था. अमेरिका ने 60 रूसी राजनयिकों को निकालने के साथ ही सिएटल से रूसी कॉन्‍सुलेट भी बंद कर दिया था.
इसके बाद रूस ने 60 अमेरिकी डिप्‍लोमेट्स को निकाल दिया. साथ ही सेंट पीट्सबर्ग में अमेरिका के वाणिज्‍य दूतावास को भी बंद कर दिया. जासूस को जहर देने के मामले में अमेरिका और यूरोपीयन यूनियन द्वारा रूसी राजनयिकों को निकाले जाने के जवाब में रूस ने यह कार्रवाई की.

स्क्रिपल (66) को ब्रिटिश सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस एमआई-6 के साथ सहयोग करने और यूरोप में रूस के अंडरकवर खुफिया अधिकारियों के नाम का खुलासा करने के लिए 2006 में रूस में 13 वर्षो की कैद की सजा सुनाई थी. 2010 में स्क्रिपल को जासूसों की अदला-बदली कानून के तहत माफ कर दिया गया था और ब्रिटेन भेज दिया गया था.

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