ब्रेक्सिट के बाद अब ‘लंदन की आज़ादी’

ब्रेक्सिट के बाद अब ‘लंदन की आज़ादी’
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लंदन के मेयर सादिक़ ख़ान के नाम एक ऑनलाइन याचिका शुरू हुई जिसमें लंदन को ‘स्वतंत्र राष्ट्र’ घोषित करने का आह्वान किया गया है। अब तक हज़ारों लोग इस याचिका को अपना समर्थन दे चुके हैं। याचिका शुरू करने वाले जेम्स ओ मैले कहते हैं, “बरतानवी राजधानी एक वैश्विक शहर है और इसे यूरोप के दिल में होना चाहिए।”

लंदन में क़रीब साठ प्रतिशत लोगों ने ब्रिटेन के साथ रहने के पक्ष में वोट किया है जबकि इंग्लैंड के अधिकतर हिस्सों ने अलग होने के लिए वोट किया। लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स के निदेशक मानते हैं कि जनमत संग्रह बताता है कि लंदन कितना अलग है।

प्रोफ़ेसर टोनी ट्रेवर्स ने कहा कि लंदन की अर्थव्यवस्था और राजनीति देश के बाक़ी हिस्सों से बहुत अलग है और ये मेयर के ऊपर है कि वो अधिक शक्तियां मांगते हैं या नहीं।
वो कहते हैं, “संभवतः शहरों और निकायों के हाथ में फ़ैसले लेने के अधिक अधिकार देना देश में मतभेदों को समाप्त करने का हल हो सकता है।”

जनमतसंग्रह के नतीजों के बाद लंदन के मेयर सादिक़ ख़ान ने कहा है कि यह अहम होगा कि यूरोपीय संघ के साथ वार्ता में लंदन की आवाज़ भी सुनी जाए। उन्होंने कहा, “हम अपना बाहरी नज़रिया बनाए रखेंगे और यूरोपीय संघ समेत बाक़ी दुनिया के साथ मिलकर काम और व्यापार करेंगे।”

इस याचिका में सुझाव दिया गया है कि लंदन के मेयर सादिक़ ख़ान राष्ट्रपति हो सकते हैं। याचिका को अब तक 94 हज़ार से ज़्यादा लोगों का समर्थन मिल चुका है।

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