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ब्‍लैक मनी रखने वालों से बैंकों का मिलीभगत, 10 बैंकों की 50 शाखाओं पर छापे, अब तक 27 बैंक कर्मी सस्‍पेंड

नई दिल्‍ली : बैंकों ने ब्‍लैक मनी रखने वालों से मिलीभगत कर सरकार का खेल खराब कर दिया। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक सरकार अब संदिग्‍ध बैंकों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। सरकार ने राष्‍ट्रीय स्‍तर पर आईबी से इसकी रिपोर्ट जमा करवानी शुरू कर दी है। कार्रवाई की जिम्‍मेदारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपी गई है। ईडी ने देश के 10 बैंकों की 50 शाखाओं पर छापे मारकर काम शुरू भी कर दिया है। नोटबंदी पर सरकार ने जैसा नतीजा सोचा था वैसा कुछ हुआ नहीं। बड़े पैमाने पर ब्‍लैक मनी को व्‍हाइट मनी में बदल दिया गया।

बताया गया है कि नोटबंदी के दो सप्‍ताह बाद तक यानी 24 नवंबर तक नोट एक्‍सचेंज के नाम पर बड़े पैमाने पर ब्‍लैक मनी को व्‍हाइट में बदलने का काम हुआ। तस अखबार स्‍टिंग ऑपरेशन के जरिए बैंकों की इस काली करतूत का खुलासा किया था। नोटबंदी के दौरान अनियमितता बरतने के आरोप में अब तक 27 बैंक कर्मी सस्‍पेंड हो चुके हैं। एक्‍सिस बैंक के मैनेजर तो 40 करोड़ रुपये की काली रकम सफेद करने के आरोप में पकड़े जा चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक देशभर में गड़बड़ी करने वाले बैंकों की संख्‍या करीब 25 हजार बताई जा रही है। कालेधन को समाप्‍त करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का एलान किया था। इसे बैंक में एक्‍सचेंज करने और जमा करने का वक्‍त दिया था। बताया गया है कि इसी दौरान सभी नियमों को ठेंगा दिखाकर दिन-रात अवैध तरीके से ब्‍लैक मनी को व्‍हाइट में बदला गया है।

सूत्रों के मुताबिक आईबी ने यूपी के 1325 ऐसे बैंक चिन्‍हित किए हैं जिन्होंने नियमों से परे जाकर पुराने नोटों को नए नोटों में बदला है। दूसरी ओर हरियाणा में भेजी गई आईबी की गाइडलाइन के मुताबिक 21 बिंदुओं पर उन्‍हें बैंकों की रिपोर्ट भेजनी है। उन्‍हें उन बैंकों पर निगाह रखने के लिए कहा गया है जहां बार-बार हंगामा हो रहा है और नो कैश का बोर्ड लगाया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हर रोज औसत से ज्‍यादा नोट बदले गए हैं। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि हर रोज की बदली गई नोटों की संख्‍या पर गौर करें तो ऐसा लगता है कि बैंकों में दिन-रात काम किया गया है।

इन शहरों के बैंक आए आईबी के निशाने पर
दिल्‍ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, जौनपुर, इटावा, कन्‍नौज, अलीगढ़, बरेली, मऊ, आगरा, मेरठ, गोंडा, गाजीपुर, पीलीभीत, गोरखपुर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, आजमगढ़, बदायूं, संभल, गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, बरेली, कानपुर, इलाहबाद, हाथरस, रामपुर, सहारनपुर, बहराइच, बांदा, फर्रुखाबाद, फरीदाबाद, गुड़गांव।

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