Friday , December 15 2017

‘भगवा आतंक से जुड़े मामलों की समीक्षा नहीं करेगी सरकार’

नई दिल्ली : एक सिनियर अफसर का कहना है कि सरकार की दक्षिणपंथी ग्रुप से जुड़े आतंकवाद के मामलों की समीक्षा की कोई मनसुबा नहीं है और ऐसे मामले अदालतों और एनआईए के बीच हैं। एनआईए ऐसे सभी मामलों की जांच कर रही है।

सिनियर अफसर ने कहा कि मामले अदालतों में हैं और सरकार की इसमें कोई किरदार नहीं है। अफसर ने नये सिरे से किसी जांच का हुक्म देने की इमकानात को भी खारिज कर दिया। कथित तौर पर एक दक्षिणपंथी तनजीम के लोगों से जुड़े दहशतगर्द के मामलों में 2007 के समझौता ट्रेन ब्लास्ट और 2008 मालेगांव विस्फोट शामिल हैं।

अफसर ने कहा कि एक मुल्जिम लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित की बीवी ने जांच के दौरान उनके शौहर के साथ गलत व्यवहार की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि मामला एनआईए के पास है और अगर वह संतुष्ट नहीं हैं तो वह अपनी शिकायतों के निवारण के लिए गृह मंत्रालय आ सकती हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित पर 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

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