भजनपुरा के मज़लूम मुसलमानों पर समझौता थोपा गया

भजनपुरा के मज़लूम मुसलमानों पर समझौता थोपा गया
प्रोफेसर मोहम्मद सलाम अलीग सदर बिहार रियासती जनता दल यूनायटेड अक्लियती सेल ने भजनपुरा, फारबिसगंज, अररिया के दहशतनाक भजनपुर फायरिंग वाकिया में ज़बरदस्ती मुसलमानों पर समझौता थोपे जाने पर शदीद रद्दो-अमल का इज़हार किया है। भजनपुर मे

प्रोफेसर मोहम्मद सलाम अलीग सदर बिहार रियासती जनता दल यूनायटेड अक्लियती सेल ने भजनपुरा, फारबिसगंज, अररिया के दहशतनाक भजनपुर फायरिंग वाकिया में ज़बरदस्ती मुसलमानों पर समझौता थोपे जाने पर शदीद रद्दो-अमल का इज़हार किया है। भजनपुर में मुसलमानों पर एक खास बीजेपी रहनुमा के इशारे में पुलिस ने जिस बरबरीयत का नंगा नाच खेला, इसकी मज़मत के लिए अल्फ़ाज़ नहीं मिलते। उन्होने कहा की मुसलमानों को उम्मीद थी की इस हैवानियत के खिलाफ अदालती जांच कमीशन से इंसाफ ज़रूर मिलेगा। लेकिन मरकज़ की बीजेपी हुकूमत अपने फ़िर्क़ा वराना ज़ेहनीयत के तहत भजनपुर के मुसलमानों पर बजवार ताक़त नाम निहाद समझौता मुसलत करके खुली नाइंसाफी की है।

मरकज़ी अक्लियती कमीशन के चेयरमैन नसीम अहमद के सामने भजनपुर की मुस्लिम ख़वातीन ने मुजाहिरा करके इंसाफ दिलाने का मुतालिबा किया जो इस बात की जमानत है के भजनपुर के मुसलमानों ने खुशी से समझौता को मंजूर नहीं किया है बल्कि मुसलमानों को डरा धमका कर शर्मनाक समझौता के लिए मजबूर किया गया है। जिस रास्ता के लिए इतनी बड़ी कुर्बानी पेश की गयी इसे पैरों से रौंदते हुये रास्ता को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया। मुसलमानों के लिए सबसे हैरतनाक पहलू ये भी सामने आया है की एक सीनियर मुस्लिम आईएएस अफसर भी इस शर्मनाक साजिश में बराबर के शरीक नज़र आए और उनका ज़मीर भी इस वक़्त उन्हे मुलामत नहीं कर सका

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