Saturday , September 22 2018

भरोसे के लायक नहीं इजरायल, नेतन्याहु के भारत दौरे का होना चाहिए विरोध- कल्बे जव्वाद

लखनऊ। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू छह दिवसीय भारत दौरे पर हैं। नेतन्याहू के दौरे को लेकर भारत को कई सारी उम्मीदें हैं। दोनों देशों के बीच 9 समझौतों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। डिफेंस और मेक इन इंडिया जैसे सेक्टर में भारत को इजरायल से पूरा सहयोग मिलने की संभावना है।

इजरायली पीएम के भारतीय दौर का विरोध भी शुरू हो गया है। एक तरफ शिया मौलान विरोध कर रहे हैं, तो वहीं सुन्नी मौलान चुप्पी साधे हुए हैं।

बता दें कि येरुशेलम को लेकर इजरायल और मुसलमानों में लंबे समय से अनबन चली आ रही है ऐसे। इजरायल प्रधानमंत्री नेतन्याहू के भारत दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गरमजोशी से आगवानी का शिया मौलानाओं ने विरोध किया है।

शिया मौलाना कल्बे जव्वाद ने इसका विरोध किया है तो लखनऊ के सुन्नी मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली खामोशी अख्तियार किए हुए हैं। शिया मौलाना कल्बे जव्वाद ने आजतक से बातचीत में कहा कि इजरायल भरोसे के लायक देश नहीं है।

उनके भारत दौरे का विरोध किया जाना चाहिए। कल्बे जव्वाद के मुताबिक पूरी दुनिया में इजराइल अमेरिका और सऊदी अरब के गठजोड़ ने आतंकवाद को फैलाया है।

उन्होंने कहा कि भारत में न सिर्फ इसका विरोध होना चाहिए बल्कि इजराइल से संबंधों को भी तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए।

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