Monday , December 18 2017

भाकपा ने दिये जदयू से इत्तेहाद के इशारे

लोकसभा इंतेखाबात में जदयू को भाकपा का साथ मिल सकता है। पार्टी जेनरल सेक्रेटरी एस सुधाकर रेड्डी और पार्टी के साबिक़ जेनरल सेक्रेटरी एबी वर्धन ने इसके इशारे दिये। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हम वाम इत्तेहाद के हक़ में हैं.

लोकसभा इंतेखाबात में जदयू को भाकपा का साथ मिल सकता है। पार्टी जेनरल सेक्रेटरी एस सुधाकर रेड्डी और पार्टी के साबिक़ जेनरल सेक्रेटरी एबी वर्धन ने इसके इशारे दिये। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हम वाम इत्तेहाद के हक़ में हैं.
पटना में एक सेमिनार में भाग लेने आये मिस्टर रेड्डी ने कहा कि तीसरे मोरचा को लेकर हम सहमत नहीं हैं। तीसरा मोरचा का मतलत गैर कांग्रेस और भाजपा है। हम उस मोरचे के हक़ में हैं। जिसकी एकतेसादी पॉलिसी वाज़ेह हों। एकअल्टरनेटिव फ्रंट बनना चाहिए।

यही फ्रंट मुल्क के तरक़्क़ी में अहम किरदार निभा सकता है। लोकसभा इंतेखाबात में जदयू या किस दल से इत्तेहाद हो, इसका फैसला एलेक्शन का ऐलान होने पर ही होगा। हम वामपंथी इत्तेहाद के हक़ में हैं। किसी भी पार्टी के साथ जाने से पहले वाम दलों से बातचीत होगी।

वहीं, मिस्टर वर्धन ने कहा कि 17 साल पुराने इत्तेहाद को तोड़ कर नीतीश कुमार ने एक अच्छा कदम उठाया है। जदयू हुकूमत को हिमायत देने के फैसले पर पार्टी में अंदरूनी एख्तेलाफ़ हुआ था। यह अच्छी बात है कि सीपीआइ यसमैन की पार्टी नहीं है। लेकिन, हमें मौजूदा फौरी फैसला लेना पड़ा। जदयू और भाजपा की यह दूरी कितने दिनों तक रहेगी, यह देखना होगा। जिस दिन ये दोनों दल एक साथ आयेंगे, सीपीआइ को अलग होने से कौन रोकेगा।

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