Tuesday , September 18 2018

भाजपाई और ISI दंगे से खुश होते हैं: शकील अहमद

कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी शकील अहमद ने कहा कि मुल्क में दंगे होने पर बीजेपी से जुड़े लोगों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को ही खुशी होती है |शकील अहमद ने मुजफ्फरनगर दंगों के ताल्लुक में पूछे गए सवालों पर कहा कि वह पहले भी ट्विट

कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी शकील अहमद ने कहा कि मुल्क में दंगे होने पर बीजेपी से जुड़े लोगों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को ही खुशी होती है |शकील अहमद ने मुजफ्फरनगर दंगों के ताल्लुक में पूछे गए सवालों पर कहा कि वह पहले भी ट्विटर पर यह बात कह चुके हैं कि मुल्क में हिन्दू-मुस्लिम दंगा होने पर दो तरह के लोग खुश होते हैं-भाजपाई और आईएसआई |

वहीं शकील अहमद के इस बयान पर बुध के रोज़ बीजेपी भड़क गई इस इल्ज़ाम का बीजेपी ने 1984 में सिखों की कत्ल और कश्मीर में पंडितों के कत्ल की याद दिलाकर गुनाह किया |

शकील अहमद ने कहा कि पाकिस्तान मज़हब के नाम पर बना था, लेकिन फिर दो टुकड़ों में बंट गया जबकि हिंदुस्तान ने अपनी इस नज़रिया को साबित किया है कि अलग-अलग मज़हबो और जातियों के लोग मिलकर खुशी से रह सकते हैं गुजरात दंगों के हवाले से उन्होंने कहा कि इनमें और दूसरे जगहों पर हुए दंगों में फर्क यह है कि जिन लोगों पर सेक्युरिटी की जिम्मेदारी थी, उन्हीं की निगरानी में दंगे हुए.

शकील अहमद ने कहा कि दंगों से समाज का पोलारीजेशन होता है यह ऐसे हालात होते है जिसमें बीजेपी वोट के मामले में फायदा रहता है | पाकिस्तान की आइएआइ को 40-42 इस्लामिक मुल्कों और हिंदुस्तान में मुसलमानों की हिफाज़त के नाम पर पैसा मिलता है |

अहमद ने यह बात फिर दोहराई कि साल 2002 के दंगों और हिंदुस्तान में हुए दूसरे दंगों में फर्क है शायद यही वजह है कि हम गुजरात के मुद्दे की बात कर रहे हैं कि इस मामले में जिसके ऊपर दंगे रोकने की जिम्मेदारी थी उसी ने उसका आप्रेशन किया |

कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी ने गुजरात दंगों और 1984 के सिख दंगों के मुकाबले को खारिज करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के सुपुर्द ए खाक से भी पहले राजीव गांधी दंगों को रोकने के लिए दिल्ली की सड़कों परं निकल चुके थे |

शकील अहमद के बयान पर बीजेपी की तरजुमान निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया है कि 1984 के सिख मुखालिफ दंगों और कत्ल ए आम बीजेपी ने एहतिताज जताया और कांग्रेस खुश हुई थी (?) अब इस पर कोई फिर से गौर किया जा रहा है? वादी में कश्मीरी पंडितों का सफाया हो गया आइएसआइ खुश हुई बीजेपी ने एहतिजाजी मुज़ाहिरा किया और कांग्रेस मज़बूर थी |

TOPPOPULARRECENT