भाजपा की आयुष्मान भारत योजना केवल सफेद हाथी साबित हुई: मनीष सिसोदिया

भाजपा की आयुष्मान भारत योजना केवल सफेद हाथी साबित हुई: मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि बिहार में जिस बीमारी के कारण रोजाना मासूम बच्चों की मौत हो रही है,पूरे बिहार में एक हाहाकार मचा हुआ है, दिल्ली सरकार की संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं। एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार, इस मुश्किल घड़ी में बिहार सरकार के साथ है और हर संभव मदद के लिए तैयार है।

मनीष सिसोदिया ने केंद्र में बैठी भाजपा सरकार की आयुष्मान भारत योजना पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि भाजपा के लोग जो आयुष्मान भारत योजना का ढिंढोरा पीटते फिर रहे थे, वह आयुष्मान भारत योजना केवल एक सफेद हाथी साबित हुई। न केवल दिल्ली, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी जनता को आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

उन्होंने ये भी कहा कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना का लाभ देश में किसी को भी नहीं मिल रहा है। चाहे अमीर हो, मिडिल क्लास हो या गरीब तबके का व्यक्ति हो, कोई भी आयुष्मान भारत योजना की परिधि में नहीं आता है। केवल वह लोग जिनके घर में टीवी, फ्रिज, फोन कुछ भी नहीं है, मात्र वही लोग इस आयुष्मान भारत योजना के अधीन आते हैं। साथ ही साथ ना तो प्राथमिक उपचार को और ना ही ओपीडी सेवाओं को इस योजना के तहत कवर किया जाता है।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस योजना की जगह पर अगर सरकार ने अस्पताल बनवाए होते तो ज्यादा बेहतर होता। लोगों की चिकित्सा समस्याओं का समाधान आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमा कंपनियों को पैसा देना नहीं है बल्कि मोहल्ला क्लीनिक जैसी सुविधाएं, पॉली क्लीनिक जैसी सुविधाएं, अस्पतालों की संख्या में वृद्धि, अस्पताल के अंदर बेड्स की संख्या में वृद्धि, अन्य चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि आदि इन समस्याओं का सही समाधान है। दिल्ली सरकार ने जनता को ये मॉडल दिया है। दिल्ली में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के लिए मोहल्ला क्लीनिक बनवाए गए। नए अस्पताल बनवाए गए। अस्पतालों में बेड्स की संख्या बढ़ाई गई। मुफ्त इलाज और दवाइयों का प्रबंध कराया गया। आयुष्मान भारत योजना से केवल और केवल बीमा कंपनियों का पेट भरेगा। लोगों का इलाज इस योजना के तहत संभव नहीं है।

प्रेस वार्ता में मौजूद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि बिहार में इस समय जो स्थिति है, सैकड़ों मासूम बच्चों की मौतें हो रही हैं और लगातार यह सिलसिला जारी है, उन सभी के परिवार को आयुष्मान भारत योजना का क्या लाभ मिला?

उन्होंने कहा कि बिहार में आयुष्मान भारत योजना लागू है और इस योजना के नाम पर करोड़ों रुपया बीमा कंपनियों को प्रीमियम के रूप में दिया जा रहा है। तो फिर बिहार के लोगों को इस योजना का लाभ क्यों नहीं मिल रहा? इस योजना के तहत जो भी लोग वहां बीमारियों से जूझ रहे हैं, प्राइवेट अस्पतालों में उनका बेहतर इलाज होना चाहिए, पर क्यों नहीं हो रहा है? किसी भी समाचार चैनल या अखबार के माध्यम से एक भी ऐसी खबर पढ़ने में नहीं आई कि किसी एक भी बच्चे का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत किसी अच्छे अस्पताल में किया जा रहा हो।

उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने जो यह आयुष्मान भारत योजना बनाई है इसका लाभ सही मायने में जनता को मिलना चाहिए। ऐसा ना हो कि यह योजना भी केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं की भांति मात्र एक स्कीम बनकर कागजों तक ही सीमित रह जाए।

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