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भाजपा के हमले का जदयू देगा जवाब

पटना 18 जून : एनडीए से नाता टूटने के बाद भाजपा की तरफ से किये जा रहे हमले का जवाब देने के लिए जदयू ने कमर कस ली है।पार्टी के कारकुन गांव-गांव जाकर इत्तेहाद के टूटने की हकीकत की जानकारी देंगे। भाजपा समेत दीगर ओपोजिशन जमातों से आर-पार की

पटना 18 जून : एनडीए से नाता टूटने के बाद भाजपा की तरफ से किये जा रहे हमले का जवाब देने के लिए जदयू ने कमर कस ली है।पार्टी के कारकुन गांव-गांव जाकर इत्तेहाद के टूटने की हकीकत की जानकारी देंगे। भाजपा समेत दीगर ओपोजिशन जमातों से आर-पार की लड़ाई की होगी।

पीर को 1, अणो मार्ग पर करीब दो घंटे तक चली पार्टी की तौसिश बैठक में कौमी सदर से लेकर जिला सदर तक शामिल हुए। बैठक में वजीर ए आला नीतीश कुमार, पार्टी सदर शरद यादव और शुबे के सदर वशिष्ठ नारायण सिंह ने कार्कुनान को हर मुकाबले का चैलेन्ज करने को कहा। वजीर ए आला ने इत्तेहाद टूटने की वजहों को तफसील से बताया। कहा- दो ही रास्ता बचे थे-या अपने वासुलों पर कायम रहें या वासुलों को छोड़ कर समझौता कर लें।

एनडीए के तशकील के दौरान मुतनाज़ा मसायल को अलग रखने पर इत्तेफाक बनी थी। इसी बात पर तमाम जमातों का तावून भी मिला था। लेकिन, भाजपा की गोवा बैठक के बाद कोई गुंजाइश ही नहीं रही। उन्होंने लीडर को प्रोजेक्ट कर दिया। हम तो मना रहे थे कि ऐसी नौबत ही न आये। एलानिया तौर पर कुछ लोगों की तरफ से प्रोमोट किया जा रहा था, भले ही तकनीकी तौर पर नहीं कहा जा रहा था कि वजीर ए आज़म कौन बनें। कोई यकीन भी नहीं दिया जा रहा था। इसलिए फैसला करना पड़ा।

आज़ाद अरकान असेंबली की हिमायत

वजीर ए आला ने कहा कि हमलोग के पास आज़ाद अरकान असेंबली की हिमायत है। सबको मालूम है हुकूमत चलेगी तो यही चलेगी, नहीं तो असेंबली इन्तेखाबात होगा। वे कह रहे हैं कि फोन पर बात कर सकते थे, नहीं की। इतवार को पहली बार काबिना की बैठक बुलायी गयी। वजीर ए आला रिहायिसगाह पर बुलायी गयी। जबकि हमारे ही दफ्तर में कई बार बुलायी गयी है। मर्क़ज में तो वजीर ए आज़म के रिहायिसगाह पर ही काबिना होती है। हमलोग मिल कर मेहनत करेंगे।

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