Tuesday , December 19 2017

भाजपा को मुझसे खतरा : मधु कोड़ा

तौविल वक़्त तक अवाम से कटे रहे, इसकी तलाफी किस तरह करेंगे।

तौविल वक़्त तक अवाम से कटे रहे, इसकी तलाफी किस तरह करेंगे।

साढ़े तीन साल तक अवाम से दूर रहने का मुङो मलाल है। अवामी नुमायदे होने के नाते इस मुद्दत में अवाम को तावुन नहीं दे पाया। अब वक़्त कम है, अवाम के बीच जायेंगे। अवाम के मुफ़ादात के लिए काम करेंगे। एमपी तक उनकी आवाज को बुलंद करेंगे। खेत-खलिहान की मसाय्लों को अब उठाने का काम करेंगे। इलाके की मसाय्लों को सियासी एजेंडा बनाना है।

अवाम के बीच किन सवालों को लेकर जायेंगे

मेरे संसदीय इलाके में गरीबी सबसे बड़ी मसला है। आठ-दस माह पहले गरीबों को बीपीएल फेहरिस्त से बाहर कर दिया गया है। गरीब फायदे से महरूम हैं। मैं सबसे पहले ऐसे लोगों को निशान देहि कर बीपीएल फेहरिस्त में तरमीम के लिए ज़द्दो ज़हद करूंगा। गरीबों तक सरकारी मनसूबे का फायदे पहुंचाने की कोशिश होगी। हुकूमत के कोटा सिस्टम को खत्म कराने की कोशिश करूंगा।

नयी हुकूमत को आपने हिमायत की है। तौक़िह है।

हेमंत सोरेन की कियादत वाली हुकूमत को सिर्फ डेढ़ साल वक़्त मिला है। मेरी इच्छा है कि हुकूमत मुद्दत पूरा करे। वक़्त कम है, अवाम के बीच अच्छी तस्वीर लेकर जायें। इलाकाई मसावात को दूर करें। तरक्की काम में अवाम की शिरक़त को यकीनी कराने के लिए सही तरीके से मंसूबा बंदी को अमल करायें। हुकूमत को तरजीह तय करनी होगी।

आपके हुकूमत पर भाजपा-कांग्रेस निशाना लगते रहती है

मेरे हुकूमत एक्तेदार पर सियासी वजूहात से हमला होता रहा है। अपोजिशन दल मुङो मुखालफत के तौर में देखते हैं। मुझसे चैलेन्ज का खतरा रहता है। यही वजह है कि भाजपा मेरे हुकूमत एक्तेदार पर बेवजह का इलज़ाम लगाते रहती है।

आनेवाले दिनों में किसी सियासी इत्तेहाद के साथ जायेंगे

हर सियासी पार्टी की ख्वाहिस रहती है कि उसके तंजीम का तौसीह हो। मैं भी इस सिम्त में काम कर रहा हूं, सियासी मुतबादिल तलाश रहे हैं। कोशिश कर रहा हूं कि अच्छा इंतेखाब मिले।

बीवी हुकूमत को हिमायत दे रहीं हैं। क्या वजीर ओहदे की दावेदारी है

पहले ही गीता कोड़ा ने वाजेह कर दिया था कि उन्हें हुकूमत में शामिल नहीं होना है। वजीर ओहदे नहीं चाहिए। हेमंत सोरेन हुकूमत को हिमायत में कोल्हान के तरक्की की शर्त रखी गयी थी। गीता कोड़ा और मैं चाहता हूं कि कोल्हान में चल रही मनसूबे जल्द पूरी हो। हमारी कोशिश रहेगी कि हुकूमत अवाम के मुफाद में काम करे।

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