Wednesday , September 26 2018

भारतीय की ऊंची उड़ान: 19,400 फुट ऊंचाई से विंगसूट उड़ान पूरी की!

नोएडा: माउंटेन ड्यू अपने रिस्क टेकर्स ऑफ इंडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारतीय नायकों के वास्तविक जीवन की कहानियों का जश्न मना रहा है। उल्लेखनीय है कि एक ब्रांड के तौर पर माउंटेन ड्यू ने हमेशा साधारण चीजों से ऊपर उठनेए चुनौतियों का सामना करने तथा विजेता बनकर उभरने को प्र्रेरित किया है और अब यही ब्रांड देश की उन साहसिक शखि़्सयतों का सम्मान करने के लिए तैयार हैए जो जोखिम उठाने की भावना की प्रतीक हैं और जिन्होंने लीक से हटकर अपनी अलग राह बनाई है।

ऐसे ही एक नायक जो डर से ऊपर उठ चुके हैं, वे हैं लेफ्टिनेंट कर्नल सत्येंद्र वर्मा (सेवानिवृत्त), माउंटेन ड्यू रिस्क टेकर- भारत के पहले बीएएसई जम्पर तथा देश के सबसे अनुभवी विंगसूट पायलटों में से एक। सहज स्थिति से बाहर निकलकर अपनी अलग छाप छोडऩे की आंतरिक उत्कंठा से लबरेज लेफ्टिनेंट कर्नल वर्मा को चरम साहसिक खेल पसंद हैं, जिसने उन्हें देश के उन गिने-चुने लोगों में से एक बनाया हैए जो विंगसूट फ्लाइंग से जुड़े हैं। इसमें व्यक्ति विंगसूट में हवा का उपयोग कर ग्लाइड्स करता है, जो मानव शरीर को सतह से जोड़ता है, जिससे उसे लिफ्ट करने में मदद मिलती है।

विशिष्टता प्राप्त करने के लिए सीमाओं को बढ़ाने के ब्रांड के सिद्धांत को चित्रित करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल वर्मा ने 19,400 फुट ऊंचाई से एक हॉट एयर बैलून से छलांग लगाईए सुरक्षित ढंग से उतरने के लिए पैराशूट का इस्तेमाल करने से पहले 10 किमी की दूरी तय करते हुए अपने विंगसूट का इस्तेमाल कर 4 मिनट से अधिक समय तक उड़ान भरी। वह एक ऑक्सीजन सिसटम के साथ इतनी ऊंचाई से विंगसूट फ्लाइंग करने वाले पहले भारतीय हैं।

इस कोशिश में पेश आने वाली चुनौतियों में भारत में 20,000 फुट से छलांग लगाने के लिए एक प्लेटफॉर्म का प्रबंधन करना जहां स्काईडाइविंग और स्काईडाइविंग एयरक्राफ्ट सामान्य नहीं है, इसके साथ ही तकनीकी समर्थन और छलांग में मदद करने के लिए ऊंचाई पर जीवित बचे रहने के उपकरण शामिल  है ,12,000 फुट से अधिक ऊंचाई पर छलांग लगाने के लिए ऑक्सीजन जरूरी होता है।

अपनी उपलब्धि के बारे में विस्तार से बताते हुए माउंटेन ड्यूए पेप्सिको इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर श्री नसीब पुरी ने कहा,माउंटेन ड्यू ने हमेशा से युवाओं को साधारण चीजों से आगे निकलने और अपनी मर्जी के मुताबिक कुछ भी करने का साहस दिखाने की खातिर प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा, रिस्क टेकर्स ऑफ इंडिया ऐसे लोगों को सम्मानित करने का तरीका है, जिन्होंने अपना नाम करने के लिए असाधारण जोखिम उठाया है। हम देश को प्रेरित करने की एक कोशिश में इन कहानियों को सामने लाना चाहते हैं। इस प्रयास के तहत  हमें उनके साथ असाधारण पहल के लिए लेेफ्टिनेंट कर्नल सत्येंद्र वर्मा के साथ साझेदारी करने को लेकर गर्व है। वे माउंटेन ड्यू की भावना को सही मायने में प्रतिध्वनित करते हैं और हमें यकीन है कि उनका यह शानदार सफर आने वाली पीढिय़ों को प्रेरित करेगा।

लेफ्टिनेंट कर्नल सत्येंद्र वर्मा ने कहा, एडवेंचर स्पोट्र्स जैसे बीएएसई जंपिंग और विंग सूट फ्लाइंग जैसे साहसिक खेल भारत में धीरे.धीरे प्रमुखता प्राप्त कर रहे हैं। नीतियों, विमानों और सरकारी विभागों द्वारा पहचान के लिहाज से आधारभूत ढांचे की जरूरत की कमी के कारण बेहतरीन प्रतिभा और रोमांचकारी भावना इस देश से दूर है। इसलिए 20,000 फुट से छलांग लगाने के लिए एक प्लेटफॉर्म का प्रबंधन, अनुमति और प्रशिक्षण अपने आप में एक अभियान था। मैं माउंटेन ड्यू को इसमें साझेदारी करने और मेरे इस सफर में मदद करने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। मेरे लिए यह ब्रांड हमेशा से ही साधारण से अलग हटकर जोखिम लेने का पर्याय रहा है। यह रिकॉर्ड ऐसे कई प्रयासों की शुरुआत भर है और माउंटेन ड्यू ने मुझे इसे तोडऩे में मदद की है। मैं आने वाले महीनों सभी विंगसूट रिकॉर्ड ;सटीक दूरीए सबसे लंबा समयए सबसे तेज गतिद्धमें सुधार करने की कोशिश करुंगा लेकिन यह छलांग मेरे लिए बहुत खास थी। मुझे उम्मीद है कि हमारे संयुक्त प्रयासों से देश के युवाओं को सामान्य से परे देखने और डर का सामना करने के रोमांच को गले लगाने में मदद मिलेगी।

TOPPOPULARRECENT