Monday , February 19 2018

भारत अफगानिस्तान को एक मजबूत लोकतांत्रिक देश देखना चाहता है- मोदी

नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान ने दक्षिण एशिया को आतंकवाद से मुक्त कराने के संकल्प के साथ प्रत्यर्पण संधि और एक दूसरे के अपराधियों पर मुकदमे चलाने के लिये विधिक सहयोग सहित तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। भारत और अफगानिस्तान ने अपने रणनीतिक संबंधों को आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष पर केन्द्रित करने के साथ ही अफगानिस्तान में विकास की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया और भारत ने इसके लिए एक अरब रुपये की सहायता का भी ऐलान किया।

भारत यात्रा पर आए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति डा. मोहम्मद अशरफ गनी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच यहां हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-अफगानिस्तान के रणनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि दुनिया के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती बन चुके आतंकवाद का वे एकजुट होकर मुकाबला करेंगे। मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत एक मजबूत, संगठित, लोकतांत्रिक, संप्रभुता संपन्न और समृद्ध अफगानिस्तान देखना चाहता है और इसके लिए अपनी ओर से हर संभव मदद जारी रखेगा। बैठक के बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों देशों ने क्षेत्रीय परिस्थितियों का जायजा लिया और आतंकवाद के बदलते स्वरूप तथा नशीले पदार्थों की तस्करी में अचानक वृद्धि होने के बारे में गंभीरता से चर्चा की।

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