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भारत का कोई भी इमाम आंतकवादियों के जनाजे की नमाज न पढ़ाए : लुधियाना शाही इमाम

लुधियाना : जामा मस्जिद लुधियाना में चीफ इमाम मौलाना उमैर इलियासी राष्ट्रीय अध्यक्ष आल इंडिया इमाम कौंसिल दिल्ली का जामा मस्जिद लुधियाना पहुंचने पर पंजाब के शाही इमाम ने उनका स्वागत किया। जामा मस्जिद पहुंचने पर इमाम उमैर इलियासी व पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने जुमे की नमाज के पश्चात पत्रकार सम्मेलन को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय फौजियों की ओर से पीओके में किए गए सर्जीकल स्ट्राइक को सही ठहराते हुए इस राष्ट्रीय सुरक्षा की ओर एक बड़ा कदम बताया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए मौलाना उमैर इलियासी ने कहा कि ऐसे समय में सभी भारतीय एकजुट है और पाकिस्तान की ओछी हरकतों का मुंह तोड़़ जवाब देने के लिए तैयार है। मौलाना इलियासी ने कहा कि हम भारत के सभी इमामों से अपील करते है कि वह किसी भी आंतकवादी के जनाजे की नमाज न पढ़ाए और न ही उनको दफनाने के लिए कब्रीस्तान में जगह दी जाए।

उन्होनें कहा कि भारत का मुसलमान अपने देश के प्रति सदैव वफादार रहा है और हमेशा वफादार रहेगा। चीफ इमाम उमैर इलियासी ने कहा कि मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि मैं आज उस मस्जिद में बैठा हूं, यहां से शाही इमाम पंजाब के पूर्वजों ने स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ फतवा जारी किया था। उन्होनें कहा कि शाही इमाम का परिवार आज भी देश के लिए बलिदान का प्रतीक है। इस मौके पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान के घर में घुस कर उनको मुंह तोड़ जवाब दिया है। उन्होनें कहा कि पाकिस्तान एक बात अच्छी तरह से समझ लें कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान कश्मीर का ख्वाब देखना छोड़ दें। शाही इमाम ने कहा कि केन्द्र सरकार को चाहिए कि जिस किसी भी आंतकवादी को जिंदा पकड़ा जाता है उस पर मुकद्मा चलाने की बजाय उसको चोराहे पर फांसी लगा दी जाए। शाही इमाम ने राष्ट्रपति से मांग की कि जिन सैनिकों ने पीओके में जाकर सर्जीकल स्ट्राइक को अंजाम दिया है उनको राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। इस अवसर पर शाही इमाम पंजाब की ओर से चीफ इमाम मौलाना उमैर इलियासी को तलवार भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी, गुलाम हसन कैसर, शाहनवाज अहमद, अकरम ढंडारी, बाबुल खान, मास्टर ईदकरीम, कारी मोहतरम, बबलू खान और शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी आदि भी मौजूद थे।

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