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भारत की तेजी से विकास संभव बशर्ते मानसून अच्छा हो: अरुण जेटली

नई दिल्ली: भारत जिसे पहले ही दुनिया की सबसे तेजी से विकासशील बड़ी अर्थव्यवस्था होने का रुख हासिल है, वह इस साल अधिक तेजी से विकास कर सकता है बशर्ते अच्छे मानसून की पेशकश काज्याँ सही साबित अरुण जेटली ने आज यह बात कही। वित्त विधेयक 2016 पर चर्चा का जवाब देते हुए जेटली ने गहने पर लगाया एक प्रतिशत एक्साइज़ ड्यूटी को वापस लिए जाने को संभावना से इनकार करते हुए कहा कि यह कर छोटे व्यापारियों और कलाकारों पर लागू नहीं होता बल्कि सिर्फ वही ज्वेलर्स के लिए है जिनके का सालाना कारोबार 12 करोड़ रुपये है।

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को इस एक्साइज़ ड्यूटी पर आपत्ति है तो वह केरल में जहां ये नियम है, सर्राफा बाजार में 5 प्रतिशत वैट को बर्खास्त करते हुए इस संबंध में पहल कर सकती है। जेटली जिन्होंने 28 फरवरी को अपने पेशकश वित्त विधेयक में कुछ संशोधन और उनके साथ मांगों मुद्रास्फीति और निपटान विधेयक पेश किए, उन्होंने पिछले दो साल के दौरान भाजपा सरकार द्वारा किए गए उपायों का हवाला दिया जो छोटे करदाताओं को राहत पहुंचाने और कर की जटिलताओं को कम करने के संबंध में किए गए हैं।

काले धन के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिशें 71 हजार करोड़ रुपये के गैर प्रकट संपत्ति रिकॉर्ड लाने के लिए जारी है। हालांकि उन्होंने कृषि आय को टैक्स जाल के तहत लाने की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि कृषि आधारित बड़ी आय दुर्लभ होती है और उन लोगों से कर अधिकारियों ठीक से निपट लेंगे जो अन्य स्रोतों से प्राप्त होने वाली आय को छिपाने के लिए कृषि की आड़ लेते हैं।

इस वित्त विधेयक जो बजट प्रक्रिया का दूसरा अंतिम हिस्सा है, उसे संशोधन के साथ न्दाई वोट द्वारा स्वीकार कर लिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि जहां विश्व दृश्य बदस्तूर मवहोम है वहीं भारत दुनिया भर में तेजी से विकास करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है लेकिन हम समझते हैं कि भारत में अधिक तेजी से विकास की गुंजाइश है।

अकाल के दो साल बाद अगर बेहतर मानसून की पेश क़ियासी इस साल सही साबित होती है तो इससे कृषि बेहतर होगी और ग्रामीण आय बढ़ेगी। जेटली ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था निवेश, प्रधानमंत्री सबसे बाहरी प्रत्यक्ष निवेश और शहरी मांग के बलबूते पर विस्तार पा रही है। अगर ग्रामीण मांग में वृद्धि होती है तो अर्थव्यवस्था तेजी से विकास कर सकती है। भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 2015-16 में 7.6 प्रतिशत रही और यह चालू वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत होने की उम्मीद है। ताजा प्रदान काज्यों के अनुसार भारत में सूखे के दो साल बाद औसत से अधिक बारिश होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि अच्छे मानसून से चावल, गेहूं, कपास के दूसरे बड़े उत्पादक देश को खेती के लिहाज से बहुत मदद मिलेगी। काले धन के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले साल एक कानून पेश किया कि गैर मझलना बाहरी संपत्ति धारक अज़ख़ुद‌ अपनी संपत्ति की ऐलान करते हुए टैक्स अदा कर दें।

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