भारत के पास तीनों प्रारूपों में आस्ट्रेलिया को हराने का अच्छा मौका : लक्ष्मण

भारत के पास तीनों प्रारूपों में आस्ट्रेलिया को हराने का अच्छा मौका : लक्ष्मण

नई दिल्ली, 20 नवंबर । पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम के पास तीनों प्रारूपों में आस्ट्रेलिया को हराने का बहुत अच्छा मौका है।

भारतीय टीम 27 नवंबर को सिडनी में पहले वनडे मैच से आस्ट्रेलिया में अपने अभियान की शुरुआत करेगी।

भारत ने पिछली बार जब आस्ट्रेलिया का दौरा किया था तो उसने 12 प्रयासों के बाद 71 साल बाद आस्ट्रेलिया की धरती पर पहली टेस्ट सीरीज जीती थी।

लक्ष्मण ने आईएएनएस को दिए सवालों के जवाब में कहा, मुझे लगता है कि भारत के पास तीनों प्रारूपों में सीरीज जीतने का अच्छा मौका है। जिस तरह से दौरे कार्यक्रम की योजना बनाई गई है, वह अच्छा है। यह भारत के पक्ष में है। यह भारत के पक्ष में काम करता है। यही वजह है कि हम 27 नवंबर से सीमित ओवरों की सीरीज (तीन वनडे और तीन टी 20) के साथ इसकी शुरुआत कर रहे हैं।

उन्होंने साथ ही कहा कि आईपीएल का इस सीरीज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

लक्ष्मण ने कहा, आईपीएल किसी भी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट से अलग है। जिस तरह की प्रतियोगिता आप देखते हैं और जिस गुणवत्ता के खिलाड़ी के साथ या उसके खिलाफ खेलते हैं। इसलिए, सभी खिलाड़ी शानदार लय में हैं और मुझे यकीन है कि यह उनके उनके अनुरूप होगा। मुझे लगता है कि इससे केवल फायदा होगा। हां, वर्कलोड एक मुद्दा हो सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि इसका असर खिलाड़ियों पर नहीं होना चाहिए, क्योंकि आईपीएल फाइनल और 27 नवंबर को खेले जाने वाले पहले वनडे के बीच 16 दिनों का लंबा अंतराल हो गया है। मुझे यकीन है कि वे अच्छी तरह से उबर रहे हैं और टीम प्रबंधन तथा कोचिंग सपोर्ट स्टाफ बेहद पेशेवर तरीके से योजना बना रहे हैं, ताकि सभी खिलाड़ी वनडे मैच से पहले तक तरोताजा हो सके।

पूर्व बल्लेबाज का मानना है कि 53 दिनों तक आईपीएल खेलने के बाद भी खिलाड़ी थके हुए नहीं हैं और उन्हें दौरे की शुरुआत को लेकर कोई समस्या नहीं है।

उन्होंने कहा, सभी खिलाड़ी पेशेवर हैं और उन्होंने अपनी फिटनेस पर काफी काम किया है। माना कि आईपीएल दो महीने का लंबा टूर्नामेंट था, लेकिन अब इन मैचों के लिए फिट होने के लिए उन्हें पर्याप्त समय मिला है। अच्छी बात यह है कि आईपीएल यूएई में हुआ था और इससे खिलाड़ियों को ज्यादा यात्रा नहीं करनी पड़ी। इसलिए मुझे नहीं लगता कि वे थके होंगे।

यह पूछे जाने पर कि चूंकि आप पिछली पीढ़ी से हैं और वर्तमान खिलाड़ी आपसे बहुत छोटे हैं, तो क्या आपको लगता है कि ये खिलाड़ी भी उसी तरह का अनुभव हासिल करेंगे, क्योंकि भारत को पहले छोटे प्रारूप में और फिर टेस्ट मैच में खेलना है।

लक्ष्मण ने कहा, मुझे यकीन है कि यह पीढ़ी उसी तरह से मबजूत होगी, खासकर जब से टी20 क्रिकेट शुरू हुआ है। जब आप सीमित ओवरों के क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो आप उस आत्मविश्वास को टेस्ट मैच क्रिकेट में ले जाते हैं। उन्हें केवल एक चीज करना होगा और वो यह कि जब टेस्ट मैच शुरू होता है, तो मानसिक समायोजन और अधिक धैर्य दिखाने के जरूरत होती है।

यह पूछे जाने पर कि भारत ने अपनी पिछली अंतर्राष्ट्रीय सीरीज, जोकि न्यूजीलैंड दौरे पर खेले गई थी, उसमें सही प्रदर्शन नहीं किया था और क्या इससे टीम का प्रदर्शन प्रभावित होगा?

लक्ष्मण ने आगे कहा, मुझे नहीं लगता है कि इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि जब आप पेशेवर खेल खेलते हैं तो मेरा मानना है कि आप पिछली निराशाओं से सीखते हैं। न्यूजीलैंड में जिस तरह से सीरीज गई थी, उससे सभी खिलाड़ी निराश होंगे, लेकिन मुझे विश्वास है कि वे उससे सीखेंगे और बेहतर अनुभव के साथ बाहर आएंगे।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि इन खिलाड़ियों के दिमाग में यह जरूर होगा कि पिछली बार आस्ट्रेलिया दौरे पर क्या हुआ था। हमने वनडे और 12 प्रयासों के बाद 71 साल बाद आस्ट्रेलिया की धरती पर पहली टेस्ट सीरीज जीती थी। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी ऊंचा होगा।

यह पूछे जाने पर कि पहले टेस्ट मैच के बाद अंतिम तीन मैचों के लिए किसे टेस्ट टीम का कप्तान बनाया जाना चाहिए, तो लक्ष्मण ने कहा, टीम में कई सारे विकल्प मौजूद हैं। कई सारे अच्छे खिलाड़ी हैं। चूंकि टेस्ट मैच दिसंबर के अंत में ही होने वाले हैं, इसलिए मुझे लगता है कि कोचिंग स्टाफ और टीम प्रबंधन यह देखेगा कि कौन सा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वे शायद वनडे और टी-20 सीरीज में खिलाड़ियों के फॉर्म को भी देखेंगे, इसके अलावा वे जिस तरह से नेट्स में खेल रहे हैं। जो भी फॉर्म में है और सकारात्मक दिख रहा है, वह दिमाग में होगा।

यह पूछे जाने पर क्या आप टेस्ट मैचों में दो स्पिनरों को अंतिम एकादश खेलते देखना चाहते हैं?

लक्ष्मण ने कहा, यह पूरी तरह से उन परिस्थितियों पर निर्भर करता है, जिसका टीम सामना करेगी। भारतीय टीम के पास गेंदबाजी आक्रमण में भिन्नता है। विश्व स्तर के स्पिनर हैं, और हमें तेज गेंदबाज भी मिले हैं। इसलिए, टीम प्रबंधन उन स्थितियों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी संयोजन का चयन करेगा जो उन्हें मिलेंगे। यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि क्या संयोजन आदर्श होगा। इन दोनों संयोजनों के साथ, भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी, क्योंकि उन्हें गुणवत्ता वाले गेंदबाज मिले हैं।

आस्ट्रेलियाई टीम को स्लेजिंग (छींटाकाशी) के लिए जाना जाता है। यह पूछे जाने पर कि क्या आपको लगता है कि यह भारतीय टीम इसके ऊपर है?

लक्ष्मण ने कहा, हां। इसमें तो कोई शक ही नहीं है। यह टीम काफी आक्रामक है। हर टीम को अपना किरदार मिला है। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने हमेशा खेल को मुश्किल तरीके से खेला है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह उनके ेखेलने की सुंदरता है, क्योंकि आप एक उच्च प्रतिस्पर्धी सीरीज खेलने जा रहे हैं।

Disclaimer: This story is auto-generated from IANS service.

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