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भारत खतरनाक पड़ोसियों से घिरा है, दुनिया का शक्तिशाली फाइटर जेट देंगे : यूएस

वॉशिंगटन. ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन में साउथ और सेंट्रल एशिया मामलों की एक्टिंग असिस्टेंट सेक्रेटरी एलिस वेल्स ने यह तर्क देते हुए कहा है कि भारत खतरनाक पड़ोसियों से घिरा हुआ है, इसलिए उसे इन फाइटर जेट की ज्यादा जरूरत है। भारत जैसे समान सोच वाले साझेदारों के साथ काम करना, जिसमें अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने की रणनीतिक और आर्थिक क्षमता है, हमारे लिए फायदेमंद है। इस व्यवस्था ने बीते 7 दशक में मानवता की काफी सेवा की है। अपनी सुरक्षा साझेदारी में हम अब जो निवेश करेंगे उसका फायदा हमें आने वाले दशकों में मिलेगा।’

एलिस वेल्स ने कांग्रेस की एक सब कमेटी को लेटर लिखा है, जिसमें ये दलील दी गई है। एलिस ने कहा है कि भारत के साथ रक्षा सहयोग बाइलेट्रल रिलेशनशिप का एक अहम स्तंभ होगा और यह अमेरिका के हित में है कि वह भारत को इस लायक बनाए कि ताकि वह इंडो-पैसिफिक रीजन में सिक्युरिटी मुहैया करा सके। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देश होने के नाते भारत और अमेरिका दोनों की अहम प्राथमिकता आतंकवाद से मुकाबला करना है। एलिस ने कहा, “भारत खतरनाक पड़ोसियों से घिरा है, वहां आतंकी भारतीय और अमेरिकी दोनों को मार रहे हैं। लिहाजा आतंकवाद से मुकाबले के लिए भारत के साथ ट्रेनिंग करना और भरोसा पैदा करना जरूरी है।”  उन्होंने स्टेट डिपार्टमेंट एंटी-टेररिज्म असिस्टेंस (ATA) प्रोग्राम का जिक्र कर कहा कि 2009 से 11 हजार से ज्यादा इंडियन सिक्युरिटी पर्सनल्स ने ट्रेनिंग हासिल की है। भारत, अमेरिका के सबसे अहम रणनीतिक सहयोगियों में से एक है।

ये तर्क देकर ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कांग्रेस को यह इन्फॉर्म किया है कि वह भारत को बोइंग द्वारा F-18 और लॉकहीड मार्टिन द्वारा F-16 फाइटर जेट बेचे जाने के प्रस्तावों का मजबूती से समर्थन करता है। एलिस ने कहा कि दुनिया के 90 हजार कॉमर्शियल वेसेल्स के करीब आधे इंडो-पैसिफिक रीजन में बेचे जाते हैं और इनमें से ज्यादातर की सप्लाई अमेरिकी फ्लैग के तहत होती है, दुनिया का दो तिहाई ऑयल ट्रेड इस रीजन के जरिये ही होता है। एलिस ने हाउस की सब कमेटी के सामने 2018 में साउथ एशिया के लिए अमेरिकी बजट का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “इंडो-एशिया पैसिफिक रीजन में इस धरती के करीब आधे लोग रहते हैं और इस क्षेत्र के कुछ देश सबसे तेजी से आगे बढ़ रही इकोनॉमी हैं। मनपसंद सहयोगी भारत के पास अंतर्राष्ट्रीय साख बनाए रखने के लिए रणनीतिक और आर्थिक क्षमता है, जिसके जरिये वह पिछले 7 दशकों से मानवता की सेवा कर रहा है। सिक्युरिटी पार्टनरशिप में किए गए हमारे इन्वेस्टमेंट से आने वाले कई सालों तक फायदा मिलेगा।”

 

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