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भारत- चीन में बढ़ा तनाव, दोनों देशों के बीच बयानबाजी शुरू

नई दिल्ली। भारतीय सीमा के अंदर सिक्किम में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के बाद तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। हालात कितने गंभीर हो चुके हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारी इलाके में कैंपिंग कर रहे हैं।

कहा जा रहा है कि दोनों सेनाओं के बीच हुआ विवाद इतना गंभीर है कि अगर इसे जल्दी ही नहीं सुलझाया गया तो बात दोनों सेनाओं के बीच ‘धक्का-मुक्की’ से आगे बढ़ सकती है।

तनाव तब बढ़ा जब चीन द्वारा डोकलाम सेक्टर के जोम्पलरी इलाके में 4 जून को सड़क निर्माण कर रहे उसके सैनिकों को भारत ने रोक दिया जिसके बाद उनके बीच हाथापाई भी हुई।

इसके बाद अगले दिन चीनी सैनिकों ने भूटान की सीमा में स्थित भारत के दो अस्थाई बंकर गिरा दिए। चीन ने इस घटना के विरोध में कूटनीतिक कदम उठाते हुए कैलाश मानसरोवर की तीर्थ यात्रा तक को रोक दिया।

दोनों देशों के बीच सिक्किम क्षेत्र में बढ़ते तनातनी का मुख्‍य वजह भारतीय जमीन के उस टुकड़े को माना जा रहा है जिसे ‘चिकन नेक’ के नाम से जाना जाता है।

चीन, भारत को इस क्षेत्र में घेरना चाहता है इसलिए वह सिक्किम-भूटान और तिब्‍बत के मिलन बिंदु स्‍थल (डोका ला) तक एक सड़क का निर्माण करने की कोशिश कर रहा है जिस पर भारत को आपत्ति है।

इस सड़क का निर्माण वह भूटान के डोकलाम पठार में कर रहा है। ‘चिकन नेक’ का अर्थ है मुर्गे की गर्दन और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण लेकिन कमज़ोर क्षेत्रों को ‘चिकन नेक’ के नाम से जाना जाता है।

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