भारत बंद का मिला-जुला रद्द-ए-अमल , अहम अपोज़ीशन क़ाइदीन की गिरफ्तारियां

भारत बंद का मिला-जुला रद्द-ए-अमल , अहम अपोज़ीशन क़ाइदीन की गिरफ्तारियां
नई दिल्ली, २१ सितंबर (पी टी आई) डीज़ल की क़ीमत में इज़ाफ़ा और रीटेल शोबा (Ratail Sector) में एफ डी आई की इजाज़त के ख़िलाफ़ बी जे पी, बाएं बाज़ू जमातों ( left party) और यू पी ए की बाहर से ताईद ( समर्थन) कर रही समाजवादी पार्टी की जानिब से मुल्क गीर ( बंद ( भारत बंद) क

नई दिल्ली, २१ सितंबर (पी टी आई) डीज़ल की क़ीमत में इज़ाफ़ा और रीटेल शोबा (Ratail Sector) में एफ डी आई की इजाज़त के ख़िलाफ़ बी जे पी, बाएं बाज़ू जमातों ( left party) और यू पी ए की बाहर से ताईद ( समर्थन) कर रही समाजवादी पार्टी की जानिब से मुल्क गीर ( बंद ( भारत बंद) का मिला-जुला रद्द-ए-अमल देखा गया।

बाअज़ रियास्तों में आम ज़िंदगी मुतास्सिर रही और सयासी जमातों के अहम क़ाइदीन ने ख़ुद को गिरफ़्तारी के लिए पेश किया। एहितजाजियों ( प्रदर्शनकारीयों) ने बिहार, मग़रिबी बंगाल, उत्तर प्रदेश और दीगर ( अन्य) मुक़ामात पर ट्रेन्स-ओ-ट्रैफ़िक की आमद-ओ-रफ़्त ( आवागमन) रोक दी।

इसके इलावा एहतिजाजी मुज़ाहिरे भी किए गए ताहम ( यद्वपि) कहीं भी कोई नाख़ुशगवार वाक़िया पेश नहीं आया। दिल्ली में बाज़ार बंद रहे और बाअज़ मुक़ामात पर ट्रैफ़िक की आमद-ओ-रफ़्त मुतास्सिर ( प्रभावित) रही। मुल्क के तिजारती दार-उल-हकूमत (राजधानी) मुंबई में बंद का कम असर देखा गया।

महाराष्ट्रा में गणेश त्योहार की धूम है और बंद का कोई ख़ास असर नहीं रहा। शिवसेना और महाराष्ट्रा नवनिर्माण सेना ने इस त्योहार की वजह से ख़ुद को बंद से दूर रखा। एस पी सरबराह ( प्रमुख) मुलायम सिंह यादव और बाएं बाज़ू क़ाइदीन ( Left Party Leader) प्रकाश करत और ए बी बर्धन ने जंतर मंतर पर मुशतर्का एहितजाजी मुज़ाहरा किया और मुज़ाहिरे के बाद ख़ुद को गिरफ़्तारी के लिए पेश किया।

एस पी, चार बाएं बाज़ू जमातों ( Left Party Leader) , जनता दल (एस), सदर तेलगुदेशम चंद्रा बाबू नायडू और बी जे डी ने अपने हामीयों के हमराह पार्लीमेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की सिम्त मार्च करते हुए ख़ुद को गिरफ़्तारी के लिए पेश किया। मुलायम सिंह यादव के इलावा प्रकाश करत (सी पी आई एम ए बी बर्धन (सी पी आई) और दीगर नुमायां क़ाइदीन ( नेता) जिन्होंने गिरफ़्तारी के लिए पेश किया, इन में सीता राम यचूरी (सी पी आई एम), चंद्रा बाबू नायडू (तेलगुदेशम) और एच डी देवेगौड़ा (जनता दल एस) शामिल हैं।

बी जे पी लीडर्स एम वैंकया नायडू और शाहनवाज़ हुसैन को हैदराबाद में एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया। जंतर मंतर पर सीता राम यचूरी और ए बी बर्धन, बी जे पी क़ाइदीन नितिन गडकरी और मुरली मनोहर जोशी के साथ एक ही शह नशीन ( stage) पर दिखाई दिए।

क़ौमी ( राष्ट्रीय) सतह पर इन क़ाइदीन ( लीडर) का यकजा होने और इत्तिहाद का मुज़ाहरा करने के बाद तीसरे महाज़ के क़ियाम का इशारा मिल रहा है । उत्तर प्रदेश, बिहार, मग़रिबी बंगाल, ओडीशा, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में आम ज़िंदगी मुतास्सिर ( प्रभावित) रही जबकि दीगर रियास्तों ( दूसरे राज्यो) में बंद जुज़वी रहा।

दिल्ली के बाअज़ इलाक़ों जैसे भोगल, लक्ष्मी नगर, डीफ़ैंस कॉलोनी और साॶथ एकसटनशन में सुबह के वक़्त दुक्का नात खुले रहे लेकिन बड़ी मार्केट्स जैसे ख़ान मार्केट, कनॉट पैलेस, ग्रेटर कैलाश, करोलबाग, चांदनी चौक और कश्मीरी गेट बंद रहे। शहर में आटो रिक्शा दिखाई नहीं दिए जबकि दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की बसें काफ़ी तादाद में चलाई गईं।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आटो ड्राईवर्स ने एहतिजाज मुनज़्ज़म किया और मुसाफ़िरों को ले जाने से इनकार कर दिया। दार-उल-हकूमत (राजधानी) दिल्ली में ख़ानगी ( Private) स्कूल्स भी बंद रहे। दिल्ली के एक सीनीयर पुलिस ओहदेदार ने कहा कि कसीर तादाद में स्कियोरटी ताय्युनात/ तैनात की गई और हम ने इस बात को यक़ीनी बनाया कि तमाम बड़ी सड़कों पर चौकसी बरती जाय।

समाजवादी पार्टी और बी जे पी कारकुनों ( कार्यकर्ताओं) ने एहतिजाजी धरना मुनज़्ज़म ( संगठित) करते हुए उत्तर प्रदेश में कई मुक़ामात ( जगहों) पर ट्रेनों को रोक दिया। एहितजाजियों ( प्रदर्शनकारियो‍) ने मथुरा, आगरा, वाराणसी, इलहाबाद और लखनऊ में ट्रेन्स रोक दी जबकि बी जे पी वर्कर्स और ताजिरों ने आगरा ग्वालियर शाहराह ( राजमार्ग) पर टायर्स जलाते हुए ट्रैफ़िक की आमद-ओ-रफ़्त ( आवागमन) को मुतास्सिर ( प्राभावित) किया।

उत्तरप्रदेश के दार-उल-हकूमत ( राजधानी) लखनऊ में बड़े बाज़ार बंद रहे। लखनऊ के सुलतानपुर में वाल मार्ट स्टोर के बाहर समाजवादी पार्टी कारकुनों ने धरना मुनज़्ज़म करते हुए रीटेल शोबा (Sector) में एफ डी आई के ख़िलाफ़ नारे लगाए। पार्टी ने हज़रत गंज में डीवीनल रेलवे मैनेजर के दफ़्तर के रूबरू ( सामने) भी धरना मुनज़्ज़म किया।

बाएं बाज़ू जमातों और दीगर पार्टी क़ाइदीन ( लीडर) के हमराह ख़ुद को गिरफ़्तारी के लिए पेश करते हुए एस पी सरबराह मुलायम सिंह यादव ने यू पी ए को ख़बरदार किया और कहा कि इन की पार्टी मुख़ालिफ़ अवाम ( जनता के खिलाफ) फ़ैसलों जैसे डीज़ल की क़ीमत में इज़ाफ़ा को बर्दाश्त नहीं करेगी।

इस के इलावा एस पी के पास तीसरे महाज़ की तशकील के लिए तमाम राहें खुली हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी महज़ फिरकापरस्त ताक़तों को दूर रखने के लिए हुकूमत की ताईद ( समर्थन) कर रही है, लेकिन यू पी ए हुकूमत हालिया फ़ैसलों से फ़िलफ़ौर दसतबरदारी इख़तियार ना करे तो हम मिल कर आइन्दा के लायेहा-ए-अमल का ऐलान करेंगे।

हुकूमत ने बंद मनाने पर तन्क़ीद (समीक्षा) करते हुए उस की वजह से होने वाले मआशी ( माली) नुक़्सान के लिए सयासी जमातों को मौरिद ( उचित) इल्ज़ाम क़रार दिया। हुकूमत ने वाज़िह ( स्पष्ट) तौर पर कहा कि मुल्क में इस्लाहात के अमल को पीछे नहीं लाया जा सकता, क्योंकि मुल्क में बड़े पैमाने पर तरक़्क़ी के लिए ऐसे इक़दामात नागुज़ीर (जरूरी) हैं। मर्कज़ी सीनीयर वुज़रा ने कहा कि यू पी ए हुकूमत को कोई ख़तरा नहीं है ।

तृणमूल कांग्रेस अगर ताईद से दसतबरदारी इख़तियार करती है तो उसे नए हलीफ़ ( समर्थक) मिल जाऐंगे। वज़ीर फायनेन्स पी चिदम़्बरम ने ज़राए इबलाग़ के नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे पास कल भी काफ़ी दोस्त थे और आज भी काफ़ी दोस्त मौजूद हैं।

उन्हें हुकूमत के इस्तिहकाम (मजबूती) के बारे में शुबा की कोई वजह नज़र नहीं आती। सी पी आई एम ज़ेर-ए-क़ियादत बाएं बाज़ू महाज़ और बी जे पी की ज़ेर-ए-क़ियादत बंद की वजह से मग़रिबी बंगाल में आम ज़िंदगी बुरी तरह मुतास्सिर ( प्रभावित) रही। चीफ़ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने हालात को मामूल के मुताबिक़ क़रार दिया।

उन्होंने कोलकता में ज़राए इबलाग़ के नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि जिस वक़्त वो रायटर्स बिल्डिंग आ रही थीं उन्होंने देखा कि हालात रोज़मर्रा की तरह हैं। एयर पोर्ट ज़राए ने बताया कि कोलकता एयर पोर्ट परवाज़ें ( उड़ाने) ग़ैर मुतास्सिर रही और सिर्फ दो इनडीगो परवाज़ों को जो आज सुबह रवाना होने वाली थीं, मंसूख़ ( निरस्त) किया गया।

मुल्क के कई मुक़ामात ( जगहों) पर यू पी ए हुकूमत के ख़िलाफ़ एहितजाजी मुज़ाहिरों ( प्रदर्शनो) के दौरान वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह और सोनीया गांधी आग का पुतला नज़र-ए-आतिश किया ( जलाया) गया । अवाम ने हुकूमत के इन फ़ैसलों की सख़्त मुज़म्मत ( बुराई/ निन्दा) की।

Top Stories