Friday , December 15 2017

भारी पड़े किसान के बेटे

बीपीएससी की एम्तेहान में किसान के बेटे दीगर पर भारी पड़े। वहीं, नौकरीपेशा खानदान से आये लड़कों ने भी कामयाबी के परचम गाड़े हैं। बिहार में रह कर तैयारी करनेवाले तालिबे इल्म को ज़्यादा कामयाबी मिली है। कामयाब 969 तालिबे इल्म में ऊपर

बीपीएससी की एम्तेहान में किसान के बेटे दीगर पर भारी पड़े। वहीं, नौकरीपेशा खानदान से आये लड़कों ने भी कामयाबी के परचम गाड़े हैं। बिहार में रह कर तैयारी करनेवाले तालिबे इल्म को ज़्यादा कामयाबी मिली है। कामयाब 969 तालिबे इल्म में ऊपर के रैंक में इंजीनियरिंग बैकग्राउंडवाले ज्यादा हैं। इसके बाद आर्ट बेच वाले तालिबे इल्म है। 126 लड़कियां और ख़वातीन को भी कामयाबी मिली है।

तालिबे इल्म में पहली बार सबसे ज़्यादा इंतेहाई पसमानदा तबके से 167 तालिबे इल्म के सिर कामयाबी का सेहरा बंधा है।

पसमानदा जात की 16 ख़वातीन और 103 पसमानदा जात के दरख्वास्त देहिंदगान का मुंतखिब हुआ। तालिबे इल्म के साथ जज्बाती तौर पर मुंसलिक रहे तालीमी कुमार विजय बताते हैं कि इंटरव्यू में जो तालिबे इल्म मौजूद हुए उन्हें देखने से मालूम हुआ कि इस बार बड़ी तादाद में आम फैमिली के बच्चों ने कामयाबी हासिल की।

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