भ्रष्टाचार उन्मूलन में तकनीकी हस्तक्षेप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है: केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त

भ्रष्टाचार उन्मूलन में तकनीकी हस्तक्षेप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है: केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त
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नई दिल्ली: “हमे नया भारत बनाने के उद्देश्य के लिए सबसे पहले दैनिक जीवन के प्रत्येक आयाम से भ्रष्टाचार का उन्मूलन करना होगा। भ्रष्टाचार हमारे देश की  आर्थिक और सामाजिक प्रगति में सबसे बड़ा बाधक है। यदि हमें भारत को एक समृð ‘नया भारत’ बनाना है, तो ईमानदारी के उच्च मानकों के प्रति कृतसंकल्पित होकर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसके लिए सतर्क रहना होगा।”

यह बात आज केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त – श्री के.बी.चैधरी ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् द्वारा ‘‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह‘‘ के अन्तर्गत – ‘‘भ्रष्टाचार उन्मूलन – नए भारत का निर्माण‘‘ – विषय पर का उद्घाटन एक सेमिनार आयोजित करते समय कहीं । इस सेमिनार में विद्यार्थियों आवासीय कल्याण समितियों, मार्केट ट्रेर्डस एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों, पालिका परिषद्, नगर-निगमों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्थानीय निकायों के कर्मचारियों और अधिकारी उपस्थित थंे।

तकनीकी हस्तक्षेप के माध्यम से भ्रष्टाचार उन्मूलन के महत्व को रेखाकिंत करते हुए श्री चोधरी ने कहा कि यह एक प्रभावी उपयुक्त औजार है, जो पारदर्शिता और सकक्षमता को बनाए रखते हुए भर्तियों, आवंटनों और अन्य नागरिक हितों और सुविधाओं के क्षेत्र में किसी व्यक्ति के विवेकाधिकार को न्यूनतम करता है।

भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए सामाजिक जागरूकता पर जोर देते हुए श्री चैधरी ने कहा कि दिन-प्रतिदिन के सभी सामाजिक आयामों में मानसिक और व्यवाहारिक बदलाव की सतत् आवश्यकता है, जिससे कि सामाजिक स्तर पर सकारात्मक बदलाव के साथ-साथ सोच में भी ईमानदारी आ सके । हमें ईमानदारी और भ्रष्टाचार के विरूð लड़ने के लिए सामाजिक बदलाव में सकारात्मक सोच लाने की जरूरत है, तभी हम भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर ‘‘भ्रष्टाचारमुक्त नए भारत‘‘ के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगें।

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् द्वारा ई-गर्वनेंनस के अन्तर्गत आॅनलाइन और मोबाइल ऐप आधारित तकनिकों के माध्यम से नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने कहा कि यह समय की जरूरत है कि पालिका परिषद् ई-गर्वनेंनस के इन प्रयासों को एनडीएमसी वेबसाइट पर भी प्रकाशित करे, जिससे अन्य नगर-निकाय और सरकारी विभाग इनका अनुसरण करते हुए अपने यहाॅं इन्हें लागू कर सके।

चैधरी ने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को ईमानदारी की शपथ दिलाई और पालिका परिषद् विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए, जिन्होंने ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह‘ के अन्र्तगत आयोजित कि गई भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् के अध्यक्ष – श्री नरेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि स्मार्ट टेक्नोलाॅजी आधारित हस्तक्षेप से नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाएॅं पारदर्शिता और प्रभाविकता को नगर निकायों में उन्नत करेगी, जैसे मोबाईल फोन आधारित सेवाएॅं और विकेन्द्रीकृत सेवा केन्द्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाएॅं प्रमुख और महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने आगे कहा कि ई-गर्वनेंनस, मोबाईल ऐप और इनकी निगरानी की तकनीकी व्यवस्थाओं से नागरिकों की प्रताड़ना और सम्मुख आदान-प्रदान में अत्याधिक मात्रा में कटोती हुई है। उन्होनंे केन्द्रीय सतर्कता आयोग को सुझाव दिया कि स्वच्छता सर्वेक्षण की तर्ज पर संस्थाओं में पारदर्शिता के मूल्याकंन और क्रेडिट रेटिंग की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।

इस कार्यक्रम के अंत में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् के मुख्य सतर्कता अधिकारी – श्री संजय त्यागी ने धन्यवाद् ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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