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मंदसौर रेप कांड में अदालत ने आरोपियों को सुनाई सजा-ए-मौत, 59 दिन में ही आ गया फैसला

मंदसौर की एक विशेष कोर्ट ने 26 जून को आठ साल की स्कूली छात्रा का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप के मामले में दो युवकों को मंगलवार दोषी करार देतेे हुए फांंसी की सजा सुनाई है.

विशेष न्यायालय की न्यायाधीश निशा गुप्ता ने इस मामले में इरफान (20) एवं आसिफ (24) को दोषी करार दिया है. लोक अभियोजक बीएस ठाकुर ने बताया कि अदालत इन दोनों की सजा का ऐलान किया.

इस अमानवीय घटना के बाद मंदसौर सहित पूरे मध्यप्रदेश में आरोपियों को तुरंत फांसी देने की मांग करते हुए लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए थे. बता दें कि इससे पूर्व बीते 8 माह में 14 मामलों में आरापियों को रेपकेस में फांसी की सजाएं सुनाई जा चुकी हैं.

बता दें कि मंदसौर में इस आठ वर्षीय बच्ची को 26 जून की शाम लड्डू खिलाने का लालच देकर उस वक्त अगवा किया गया था, जब वह स्कूल की छुट्टी के बाद पैदल अपने घर जा रही थी. सामूहिक बलात्कार के बाद कक्षा तीन की इस छात्रा को जान से मारने की नीयत से उस पर चाकू से हमला भी किया गया था. वह 27 जून की सुबह शहर के बस स्टैंड के पास झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिली थी. इस मामले में पुलिस ने इरफान एवं आसिफ को गिरफ्तार किया था.

लोक अभियोजक ठाकुर ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दोनों आरोपियों पर भादंवि की धारा 376-डी (सामूहिक बलात्कार), 376 (2एन), 366 (अपहरण), 363 (अपहरण के दंड) एवं पॉक्सो एक्ट से संबधित धाराओं के तहत 10 जुलाई को आरोप पत्र दाखिल किया था.

घटना के मात्र 15वें दिन दाखिल किए गए इस आरोप पत्र में 350 से अधिक पेज एवं प्रमाण के लिए करीब 100 दस्तावेज थे. इसमें डॉक्टरों सहित 92 गवाहों के बयान भी दर्ज थे. इसके अलावा, इस आरोप पत्र के साथ अदालत में 50 चीजें भी पेश की गई हैं, जिनमें आरोपियों इरफान एवं आसिफ द्वारा बच्ची को जान से मारने की नीयत से उस पर हमला करने वाले चाकू एवं कपड़े भी शामिल थे.

खास बातें

– 26 जून को 8 साल की मासूम से गैंगरेप और हमला
– 27 जून को सुबह बस स्टैंड की झाड़ियों के पास मिली
– 10 जुलाई को आरोप पत्र महज 15 दिन में दाखिल किया गया
– 350 से अधिक पेज आरोप पत्र में
– 100 दस्तावेज प्रमाण के लिए पेश किए गए
– 50 चीजें भी आरोप पत्र के साथ अदालत में पेश की गई
– 92 गवाहों के बयान भी दर्ज, इनमें डॉक्टर भी शामिल थे

– 21 अगस्त को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई

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