Monday , December 11 2017

मंदिर भगदड में मरनेवालों की तादाद 111 हुई

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के रतनग़ढ में माता के मंदिर में कल हुए दर्दनाक हादसे से मरने वालों की तादाद बढ़कर 111 तक पहुंच गई है। जबकि सैकड़ों लोग जख्मी हुए है।

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के रतनग़ढ में माता के मंदिर में कल हुए दर्दनाक हादसे से मरने वालों की तादाद बढ़कर 111 तक पहुंच गई है। जबकि सैकड़ों लोग जख्मी हुए है।
रतनगढ़ में एक देवी के मंदिर में नवरात्रि त्योहार के आखरी दिन कल 13 अक्तूबर को श्रद्धालुओं में भगदड़ मचने से 111लोगों की मौत हो गयी जबकि 100 से ज़ायद लोग घायल हो गये। मरने वालों में ख्वातीन और बच्चों की तादाद ज्यादा हैं।

चम्बल रेंज के पुलिस डीआईजी डी के आर्य ने बताया कि रतनगढ़ मंदिर जाने वाले रास्ते पर सिंध नदी का पुल टूटने की अफवाह के चलते भगदड़ मच गयी जिससे 89 लोगों की मौत हो गयी। इत्तेहाआत में कहा गया है कि कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन की ‘लाइन’ को तोड़कर आगे जाने की कोशिश की. जिससे उन पर काबू पाने के लिए पुलिस ने हलका लाठी चार्ज किया और भगदड़ मची। पुलिस ओहदेदारों का कहना है कि भगदड़ के बाद भीड ने पथराव किया, जिसे रोकने के लिए पुलिस को हलका सा लाठीचार्ज करना पड़ा।

बताया जाता है कि सिंध नदी के पुल पर इस समय नदी से निका ली गयी नाशें रखीं गयीें हैं और लापता लोगों के अफरादे खानदान उनमें अपनों को ढूंढ रहे हैं। ओहदेदारों के मुताबिक चीफ मिनिस्टर शिवराज चौहान ने इलेक्शन कमिशन की इजाजत से वकिये की मेजिस्ट्रेरियह जांच कराने और मारे गए लोगों के परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये, तशवीशनाक हद तक जख्मियों को 50 हज़ार और दीगर जख्मियों को 25 हज़ार रुपये देने का एलान किया है।

काबिले जिक्र है कि 2006 की नवरात्रि त्यौहार में भी यहां ऐसा ही हादसा हुआ था। नदी पार करके दर्शन के लिए जा रहे 50 तीर्थयात्री शिवपुरी के मनिखेड़ा डैम से पानी छोड़े जाने की वज्ह सिंध नदी में बह गये थे।

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