Thursday , December 14 2017

मआशी मसाइल हमेशा चैलेंज भरे होंगे: सदर जम्हूरिया हिंद

सदर जम्हूरिया हिंद प्रण‌ब मुख‌र्जी ने आज कहा कि ममालिक को अपनी बक़ा और कारकर्दगी केलिए आलमी मआशी यकजहती के दौरे में मआशी मसाइल के चैलेंजस का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि मईशत का तहर्रुक हमेशा चैलेंज भरा होगा।

सदर जम्हूरिया हिंद प्रण‌ब मुख‌र्जी ने आज कहा कि ममालिक को अपनी बक़ा और कारकर्दगी केलिए आलमी मआशी यकजहती के दौरे में मआशी मसाइल के चैलेंजस का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि मईशत का तहर्रुक हमेशा चैलेंज भरा होगा।

उम्मीद ज़ाहिर की कि हिन्दुस्तान इस मसले से कामयाबी के साथ निमट सकेगा। वो सेंटर्ल यूनीवर्सिटी हिमाचल प्रदेश शाह पुर के तलबा-ए-से ख़िताब कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2008-09 में मआशी बोहरान पैदा हुआ था और इस के बाद यूरो का बोहरान आया। इस किस्म के चैलेंज हमेशा मौजूद रहेंगे।

कोई भी नहीं कह सकता कि कोई चैलेंज दरपेश नहीं है। उन्होंने ख़ाहिश ज़ाहिर की कि चार साला क़दीम यूनीवर्सिटी से ग्रैजूएशन करने वाले तलबा-ए-एक कामयाब मुस्तक़बिल के हामिल हो। उन्होंने कहा कि हम एक एसे दौर में ज़िंदगी बसर कर रहे हैं जिस में मुसलसल तग़य्युरात आरहे हैं, आलमी तंज़ीम तिजारत देहात के कारीगर को भी मुतास्सिर कर सकती है। चाहे वो दुनिया के किसी भी गोशे में क्यों ना हो।

उन्होंने तलबा-ए-और मुहक़्क़िक़ीन के इजतेमा से ख़िताब करते हुए कहा कि कोई भी मुल्क अपने पास हथियारों का ज़ख़ीरा रखने से अज़ीम ताक़त नहीं बनता बल्कि टैक्नालोजी की तख़लीक़ से बनता है, जिसका मक़सद आलातर टैक्नालोजी की तख़लीक़ हो। उन्होंने यूनीवर्सिटीयों और दीगर तालीमी इदारों पर ज़ोर दिया कि वो तहक़ीक़ पर अज़म तरीन तवज्जु मर्कूज़ करें।

इस तरह मुल्क ममालिक की बिरादरी में एक काबिल-ए‍-एहतेराम मुक़ाम हासिल कर सकेगा। मआशी और सियासी दोनों लिहाज़ से ज़्यादा ताक़तवर साबित होगा।

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