Wednesday , December 13 2017

मक्का मस्जिद के क़रीब गिरफ़्तार विजए कुमार सोनी आख़िर कौन है?

नाम विजए कुमार सोनी, साकिन लाल दरवाज़ा छतरी नाका, उम्र 23 साल, पेशा सोने चांदी का कारोबार, बाप का नाम किशोर कुमार सोनी, राजिस्थान से ताल्लुक़ लेकिन हैदराबाद में पैदाइश, ये उसी नौजवान के बारे में चंद तफ़सीलात हैं जो शहादत बाबरी मस्जिद क

नाम विजए कुमार सोनी, साकिन लाल दरवाज़ा छतरी नाका, उम्र 23 साल, पेशा सोने चांदी का कारोबार, बाप का नाम किशोर कुमार सोनी, राजिस्थान से ताल्लुक़ लेकिन हैदराबाद में पैदाइश, ये उसी नौजवान के बारे में चंद तफ़सीलात हैं जो शहादत बाबरी मस्जिद की 21वीं बरसी के मौक़ा पर मोग़लपूरा फ़ायर स्टेशन के क़रीब ठहरे चंद मुस्लिम नौजवानों के ग्रुप में शामिल होकर नारे तकबीर बुलंद करते हुए पुलिस पर संगबारी कर रहा था लेकिन चंद लोगों ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया और फिर पुलिस ने इस के ख़िलाफ़ किसी किस्म की कार्रवाई करने के बजाय उसे बड़े आराम और एहतेराम के साथ इस के घर रवाना कर दिया।

अगर इस तरह का वाक़िया किसी मुस्लिम नौजवान के साथ पेश आता तो पुलिस के आला ओहदेदार से लेकर मीडिया का मुतअस्सिब गोशा दहश्तगर्द गिरफ़्तार, दहश्तगर्द गिरफ़्तार जैसे नारे लगाने में किसी तरह की कोताही नहीं करते।
विजए कुमार सोनी का मुस्लिम नौजवानों के ग्रुप में शामिल होना, वहां नारेबाज़ी करना और पुलिस पर संगबारी में मुबैयना तौर पर हिस्सा लेना, फिर पुलिस का उसे बहिफ़ाज़त वहां से पुलिस स्टेशन और फिर इस के घर मुंतक़िल किया जाना अवाम के लिए बेचैनी का बाइस बना हुआ है।

उन के ज़हनों में कई एक सवालात उठ रहे हैं कि आया विजए कुमार सोनी मक्का मस्जिद बम धमाकों में मुलव्विस ज़ाफ़रानी दहश्तगर्द स्वामी असीमानंद के ग्रुप से ताल्लुक़ तो नहीं रखता? या फिर वो पुलिस का मुख़्बिर तो नहीं? अगर वो हिंदू दहश्तगर्दों से ताल्लुक़ नहीं रखता तो फिर 6 दिसंबर के दिन स्याह शर्ट ज़ेबतन क्यों किया? अपने गले में अल्लाह का लॉकेट क्यों पहना?

और फिर मुस्लिम नौजवानों के ग्रुप में दाख़िल क्यों हुआ? बहरहाल अवाम के ज़हनों में उठ रहे इन सवालात के जवाबात की तलाश में विजए कुमार सोनी के बारे में छानबीन शुरू की, जिस पर पता चला कि वो लाल दरवाज़ा छतरी नाका में मुक़ीम है जबकि ख़ानदान वाले राजिस्थान से ताल्लुक़ रखते हैं।

वो तीन भाई है और उस का दूसरा नंबर है। उन लोगों की बहादुर पूरा और सिकंदराबाद में सोने के जे़वरात की दो शॉप्स हैं यानी वो पेशा के एतबार से जौहरी है। बहादुर पूरा में बालाजी ज्वेलर्स के नाम से वो दुकान चलाता है जबकि फ़ाइनेन्स पर लोगों को रक़म भी देता है।

शहरीयों का ख़्याल हैकि विजए कुमार सोनी जैसे लोगों की हिम्मत इस क़दर बढ़ गई हैकि वो मुसलमानों की सफ़ों में शामिल होकर उन्हें उकसाते हुए पुलिस की गोलीयों और लाठियों का निशाना बनाने पर तुले हुए हैं। ऐसे में शहरीयों को इस तरह के अनासिर पर कड़ी नज़र रखनी होगी वर्ना उन के गुनाहों और जराइम का ख़ामियाज़ा मासूम मुस्लिम नौजवानों को भुगतना पड़ेगा। [email protected]

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