Monday , August 20 2018

मच्छर भगाने के लिए आग जलाई, सिलेंडर फटा

मच्छर भगाने के लिए जलाए गए अलाव से गैस वेंडर उमेश प्रसाद के घर में आग लगी और वहां रखे दो सिलेंडर फट गए। इतवार की शाम एसकेपुरी थाना के आनंदपुरी में मनाेरमा अपार्टमेंट के पास हुई इस वाकिया से उमेश के झोपड़ीनुमा घर में रखा हजारों रुपए

मच्छर भगाने के लिए जलाए गए अलाव से गैस वेंडर उमेश प्रसाद के घर में आग लगी और वहां रखे दो सिलेंडर फट गए। इतवार की शाम एसकेपुरी थाना के आनंदपुरी में मनाेरमा अपार्टमेंट के पास हुई इस वाकिया से उमेश के झोपड़ीनुमा घर में रखा हजारों रुपए का सामान जल गया। सिलेंडर फटने से पास में वाकेय एसबीआई के पीओ चंद्रशेखर आजाद व सामने में पटना हाईकोर्ट के वकील सच्चिदानंद के घरों की खिड़कियां टूट गईं। यही नहीं, इन दोनों के घर में रखे एसी समेत कई सामान का भी नुकसान हो गया। इस दौरान आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे पेंटर कपिल भी जख्मी हो गए। मुक़ामी लोगों ने आग पर काबू पा लिया।

वक़्त पर नहीं पहुंचा दमकल

मुक़ामी लोगाें ने आग बुझाना शुरू किया था। इसी दरमियान गर्म होने से पहले एक सिलेंडर फटा। फिर थोड़ी ही देर में दूसरा सिलेंडर फटा। फिर लोगों ने फायर ब्रिगेड को इत्तिला दी। चौंकाने वाली बात यह है कि वक़्त पर दमकल नहीं पहुंचा। जब आग बुझ गया तब दमकल पहुंचा, लेकिन वह भी जाम में फंस गया। वहीं मौके पर सेकरीट्रिएट डीएसपी शिबली नोमानी, एसकेपुरी थानेदार आईसी विद्यासागर फौरन पहुंच गए। पुलिस अफसरों व सेक्युर्टी मुलाज़िमीन ने आग बुझाने में मदद की।

गैस एजेंसी में वेंडर है उमेश

उमेश प्रसाद की बीवी शोभा देवी ने बताया कि वे बाेरिंग रोड वाकेय सेफ वे गैस एजेंसी के वेंडर हैं। शाम में वे गैस एजेंसी गए हुए थे। घर के पास ही मच्छर भगाने के लिए अलाव जलाया था। खाना बना रही थी। इसी दरमियान अलाव से उठी चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। फिर तीन छोटे-छोटे बच्चों श्याम प्रकाश, अर्चना व जूही को लेकर वहां से निकलकर जान बचाई। उन्होंने कहा कि पांच-छह सिलेंडर रखा था। दो को नहीं निकाला जा सका जो फट गया। वहीं, उमेश के मकान में रखे तीन सिलेंडरों को निकाला गया। तीनों इतना गर्म हो गया था उसे छूना भी मुहाल हो रहा था।

बर्तन, कपड़ा, रकम समेत सभी सामान खाक

वाकिया के बाद तीन बच्चों के साथ फफक रही शोभा ने बताया कि जो कपड़ा हम लोग पहने हुए हैं, वही बचा है। घर में रखा बर्तन, पेटी, बक्सा, चौकी, खटिया, बिस्तर के साथी ही राशन भी जल गया। बक्सा में कुछ पैसा था वह भी नहीं रहा। इस ठंड में कहां जाएंगे।

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