मजमूआ कलाम आबशार की आज रस्म इजरा (विमोचन )-ओ-मुशायरा

मजमूआ कलाम आबशार की आज रस्म इजरा (विमोचन )-ओ-मुशायरा

उर्दू के मशहूर शायर जनाब अबू साद सैयद मरहूम के मजमूआ कलाम आबशार की आज रस्म इजरा (विमोचन )-ओ-मुशायरा महबूब हुसैन जिगर हाल अबिड्स पर मुनाक़िद होगा। वाज़ेह रहे कि हज़रत सैयद का शुमार हैदराबाद के रिवायत पसंद शोरा में रहा है। चुनांचे

उर्दू के मशहूर शायर जनाब अबू साद सैयद मरहूम के मजमूआ कलाम आबशार की आज रस्म इजरा (विमोचन )-ओ-मुशायरा महबूब हुसैन जिगर हाल अबिड्स पर मुनाक़िद होगा। वाज़ेह रहे कि हज़रत सैयद का शुमार हैदराबाद के रिवायत पसंद शोरा में रहा है। चुनांचे उन के पहले मजमूआ पर डाक्टर राज बहादुर गोड़ ने जिस तफ़सील से मुक़द्दमा (preface)लिखा है इस से उन के मिज़ाज शायरी की अक्कासी(इजहार) होती है।

इन के साहबज़ादे सैयद जलील अज़हर स्टाफ़ रिपोर्टर रोज़नामा सियासत ने अदब दोस्तों के लिए ये सौगात पेश की है। आज अबू साद सैयद के मजमूआ कलाम आबशार की रस्म इजरा (विमोचन ) ज़ेर सरपरस्ती जनाब ज़ाहिद अली ख़ान एडीटर रोज़नामा सियासत अल्लामा एजाज़ फ़र्ख़ु बा वक़्त शाम 7 बजे अंजाम दी जाएगी।

रस्म इजरा (विमोचन )ई की तक़रीब-ओ-मुशायरा की सदारत जनाब ज़ाहिद अली ख़ान करेंगे जबकि मेहमानान ख़ुसूसी(चीफ गेस्ट) की हैसियत से जनाब अहसन रज़ा IPS एडीशनल कमिशनर पुलिस सिटी क्राईम जनाब प्रमोद कुमार IPS डिप्टी कमिशनर पुलिस बालानगर, जनाब एम ए वहीद IFS क्यूरेटर ज्योलोजीकल पार्क हैदराबाद,

जनाब मुहम्मद सुलतान अहमद साबिक़ ऐम एल सी, ए महेश्वर रेड्डी रुक्न असेंबली निर्मल, जनाब फ़रीद उद्दीन साबिक़ वज़ीर, जनाब एम ए शकूर सरपरस्त आला पंचशील बी ऐड कॉलिज निर्मल, अबदुल्लाह बिन अली बिन महफ़ूज़ जद्दा, शुजाअत अली, आई आई एस के इलावा आर रंगा राजन जनरल मैनेजर दक्कन ग्रामीण बैंक आन्ध्रा प्रदेश होंगे

जबकि अबदुल्लाह बिन अली बिन महफ़ूज़ जद्दा जलील अज़हर की दावत पर बतौर ख़ास शिरकत कर रहे हैं। रस्म इजरा (विमोचन )ई के बाद मुशायरा होगा, जिस में मदऊ शोरा अपना कलाम सुनाएंगे। अबदुल्लाह बिन अली बिन महफ़ूज़ जद्दा तंज़-ओ-मज़ाह के आलमी शौहरत-याफ़ता(मशहूर) शायर जनाब ग़ौस ख़्वा मख़्वाह,

क़मर सरवर अहमद नगर महाराष्ट्रा, अतीब एजाज़ कामिल हैदराबादी, जमील निज़ामा बादी, शरीफ़ अतहर, नूर उद्दीन अमीर, वहीद पाशाह कादरी, मंज़र रज़ी, नाज़िम मुशायरा अशफ़ाक़ असफ़ी निज़ामाबाद होंगे। आप से माअ अहबाब(दोसतों के साथ) शिरकत की ख्वाहिश की जाती है।

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