Wednesday , December 13 2017

मतबख़ आसिफ़िया की इशाअत हैदराबादी तहज़ीब की अहम बाज़याफ़्त

ख़ुश ज़ौक़-ओ-ख़ुश ज़ायका अहबाब के लिए बर्क़ कबाब, कबाबे अकबरी, कबाबे ख़ताई, कबाबे गूलर, चालकी कबाब, कबाबे गोरक, तास कबाब, टट्टी के कबाब, पत्थर का गोश्त, रान मुसल्लम, भीड़ मुस्लिम, कबाब माही, रूमी बिरयानी, ख़ाम बिरयानी, महबूबी बिरयानी, बिरयानी

ख़ुश ज़ौक़-ओ-ख़ुश ज़ायका अहबाब के लिए बर्क़ कबाब, कबाबे अकबरी, कबाबे ख़ताई, कबाबे गूलर, चालकी कबाब, कबाबे गोरक, तास कबाब, टट्टी के कबाब, पत्थर का गोश्त, रान मुसल्लम, भीड़ मुस्लिम, कबाब माही, रूमी बिरयानी, ख़ाम बिरयानी, महबूबी बिरयानी, बिरयानी आसमान जाहि, शाना बिरयानी, दुल्हन बिरयानी, बिरयानी दमपुख़त, मछली गुलदम, मुर्ग़ मुस्लिम, अन्वा-ओ-इक़साम के सालन, पचमढ़ा, दो पियाज़े, माही क़लीया आसफ़िया, माही क़लीया आसमान जाहि, माही क़लीया चमकूरह, गर्दा सीना, चिरोंजी खिचड़ी, पिस्ता खिचड़ी, ख़ागीने, शब देग़, कुवुर्मा, अचार, चटनी, बूरानी, राइता वग़ैरा अब कोई अफ़सानवी पकवान नहीं रहे।

अल्लामा एजाज़ फ़र्रुक़ की शब-ओ-रोज़ अर्क़ रेज़ि और जनाब ज़ाहिद अली ख़ां की जुस्तजू के नतीजे में मीर महबूब अली ख़ां छठे नि़जाम के शाही पकवान, मतबख़ आसफ़िया की दरयाफ़त के बाद इदारा सियासत से ज़ाइक़ापसंद-ओ-ख़ुशज़ौक़ अफ़राद के लिए मतबख़ आसफ़िया से चुने हुए पकवान पर मुश्तमिल अंग्रेज़ी और उर्दू ज़बानों में बेशबहा किताब तबाअत के आख़िरी मराहले में दाख़िल होचुकी है। 8.1/2 11.1/2 साइज़ की 200 सफ़हात पर मुश्तमिल ये किताब 170 ग्राम फ़ी मुरब्बा मीटर के जर्मनी से दरआमद करदा आर्ट पेपर पर शाय हो रही है, जिस में अश्या और तरकीब पकवान के साथ उनकी दिलकश-ओ-दीदा जे़ब तसावीर शामिल हैं।

इस किताब में आग़ाज़ तआम(खाने कीशुरूआत), मुतअद्दिद इक़साम के कबाब, और बिरयानी, बीसियों किस्म के सालन, क़लीए और दोप्याज़ों के अलावा आसिफ़िया रोज़मर्रा के खाने भी शामिल किए गए हैं।

उनके अलावा दौरे आसफ़िया के पुरतकल्लुफ़ एशाइयों(रात का खाना) की नादिर तस्वीरें इदारा सियासत की पुरविक़ार इशाअत का हिस्सा बिन रही हैं। सियासत की पिछ्ले इशाअत अक्स हैदराबाद की तमाम जिल्दें फ़रोख़त होचुकी हैं, मतबख़ आसफ़िया भी महिदूद तादाद में शाये की जा रही है। अहल-ए-ज़ोक़ हज़रात अपनी किताब 20 अक्तूबर तक दफ़्तर सियासत पर महफ़ूज़ करवा लें।

TOPPOPULARRECENT