Tuesday , December 12 2017

मदरसा असातिज़ा बुनियादी सहूलत से महरूम

मदरसा मुजफरुल इस्लाम आज भी बुनियादी सहूलत से महरूम है। वसायल की कमी के बावजूद ये मदरसा तालीमी मियार की वजह से तरक़्क़ी की राह पर है। अपने दफ्तर में प्रेस को खिताब करते हुये मोहम्मद नूर आलम ने खा की मदरसा नंबर 1232 एक क़दीम मदरसा है। हमार

मदरसा मुजफरुल इस्लाम आज भी बुनियादी सहूलत से महरूम है। वसायल की कमी के बावजूद ये मदरसा तालीमी मियार की वजह से तरक़्क़ी की राह पर है। अपने दफ्तर में प्रेस को खिताब करते हुये मोहम्मद नूर आलम ने खा की मदरसा नंबर 1232 एक क़दीम मदरसा है। हमारे मदरसा के तमाम असातिज़ा पूरी ईमानदारी के साथ अपने फ्रायज को अंजाम दे रहे हैं। इस मदरसा में तल्बा व तालिबात की तादाद 210 है जिसमें तल्बात की तादाद 130 है जबकि तल्बा की तादाद 80 है। मिस्टर नूर आलम ने कहा की मदरसा में तबल कुर्सी व दीगर जीजों की कमी है। बावजूद इस के तालीमी निज़ाम को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होने मजीद कहा की गुजिशता 20 दिनों से हमारे मदरसे को मिड डे मिल फराहम नहीं कराये जाने की वजह से मदरसा में ज़ेरे तल्बा तालिबात को दोपहर का खाना नहीं दिया जा रहा हैं। मिस्टर नूर आलम न बताया की वजीरे आला नितीश कुमार पोशाक के मंसूबा की रकम भी नहीं मिल पायी है। खुसुसि तौर पर उन्होने कोचाधामन के एमएलए मिस्टर मुजाहिद आलम की तारीफ करते हुये कहा की एमएलए मौसूफ़ ने मदरसा में आकार मसायल से रूबरू हुये और हर मुमकिन तावून की यक़ीनी दिहानी कराई है।

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