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मदरसा के असातिज़ा को शम्सआबाद एयरपोर्ट की सैर महंगी पड़ी

शम्सआबाद 24 जुलाई : राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट शम्सआबाद सीआईएसएफ़ ओहदेदारों ने दो मदरसा के ख़िदमत गुज़ारों को शक की बिना गिरफ़्तार कर के शम्सआबाद आरजीआई पुलिस के हवाले कर दिया। इत्तेला मिलते ही तहक़ीक़ाती एजेंसीयां पूछताछ के लिए पहुंच गईं। तफ़सीलात के मुताबिक मुहम्मद इदरीस और मुहम्मद जमील मुतवत्तिन झारखंड जो पिछ्ले एक साल से टोलीचौकी के मदरसा इस्लामीया यतीमख़ाने में ख़िदमात अंजाम दे रहे हैं। सुबह ये दोनों एयरपोर्ट में घूमने आए थे कि सीआईएसएफ़ ओहदेदारों ने दोनों को शक की बिना गिरफ़्तार कर के शम्सआबाद आरजीआई ए पुलिस के हवाला कर दिया।

दोनों ख़िदमत गुज़ारों से पूछताछ के लिए मुख़्तलिफ़ तहक़ीक़ाती एजेंसीयां पहुंच कर पूछताछ करने पर उनके यहां से कुछ नहीं मिला। वो दोनों को क्लीनचिट देदी गई। इंस्पेक्टर महेश ने बताया कि दोनों को तमाम ज़रूरी काग़ज़ी कार्रवाई के बाद रिहा कर दिया जाएगा। मुहम्मद जमील के चचा मुहम्मद शरफ़ ने बताया कि दोनों को रात में बोइनपल्ली में जज के रूबरू पेश किया जा रहा है और वहां जाने के बाद ही उनकी रिहाई अमल में आएगी। इस से पहले भी कई मर्तबा मुश्तबा हालत में घूमने वाले लोगों को पकड़ कर बाद तहक़ीक़ात रिहा कर दिया गया और जितने भी बार मुसलमानों को पकड़ा गया हमेशा ही तहक़ीक़ाती एजेंसीयां पूछताछ के लिए पहुंच जाती हैं और ग़ैर मुस्लमान लोगो‍ं को एक दो घंटे में क्लीनचिट देकर रिहा कर दिया जाता है। साइबराबाद पुलिस की तरफ से मुसलमानों के साथ सौतेले सुलूक कब तक किया जाएगा।

सर पर टोपी और दाढ़ी रखने पर उनकी तरफ से दहश्तगर्द समझना कब बंद किया जाएगा। एयरपोर्ट में सीआईएसएफ़ ओहदेदार भी अपने रवैये में तबदीली लाने की ज़रूरत है। मुसलमानों को दहश्तगर्द समझना कब बंद होगा। ग़ैर मुसलमानों को दो घंटे के अंदर ही क्लीनचिट और मुसलमानों को कई घंटों की पूछताछ के बाद भी जज के रूबरू पेश कर के उनकी रिहाई अमल में लाई जा रही है।

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