Tuesday , December 12 2017

मदीना एजूकेशन सोसाइटी की कारकर्दगी बरक़रार रखने पर ज़ोर

रियास्ती अक़लीयती कमीशन के सदर नशीन आबिद रसूल ख़ान ने कहा कि मदीना एजूकेशन सोसाइटी के तहत चलने वाले तालीमी इदारों की कारकर्दगी मुतास्सिर होने से बचाने के लिए वक़्फ़ बोर्ड को इक़दामात करने चाहीए। वक़्फ़ बोर्ड ने मदीना एजूकेशन स

रियास्ती अक़लीयती कमीशन के सदर नशीन आबिद रसूल ख़ान ने कहा कि मदीना एजूकेशन सोसाइटी के तहत चलने वाले तालीमी इदारों की कारकर्दगी मुतास्सिर होने से बचाने के लिए वक़्फ़ बोर्ड को इक़दामात करने चाहीए। वक़्फ़ बोर्ड ने मदीना एजूकेशन सोसाइटी के तहत मौजूद औक़ाफ़ी जायदादों को अपनी तहवील में ले लिया है जिस में कई तालीमी इदारे काम करते हैं।

उन्हों ने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड की इस कार्रवाई के बाद तालीमी इदारों की कारकर्दगी मुतास्सिर होने के बारे में कई अफ़राद ने उन से रब्त पैदा करते हुए नुमाइंदगी की। अक़लीयती कमीशन सूरते हाल का बग़ौर जायज़ा ले रहा है और वक़्फ़ा वक़्फ़ा से अपने नुमाइंदा के ज़रीए रिपोर्ट हासिल कर रहा है।

उन्हों ने कहा कि ज़रूरत पड़ने पर वक़्फ़ बोर्ड से सूरते हाल के बारे में रिपोर्ट तलब की जाएगी। उन्हों ने बताया कि कमीशन की अव्वलीन तर्जीह ये है कि तालीमी इदारों की कारकर्दगी मुतास्सिर ना हो और तलबा का मुस्तक़बिल ख़तरे में ना पड़े।

उन्हों ने कहा कि तालीमी इदारों में हज़ारों की तादाद में तलबा ज़ेरे तालीम हैं और वक़्फ़ बोर्ड की ज़िम्मेदारी है कि वो म्यार की बरक़रारी के साथ तालीम जारी रखने के इक़दामात करे।

उन्हों ने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड की जानिब से एक कमेटी बहुत जल्द तशकील दी जाएगी जिस में समाज के मुख़्तलिफ़ गोशों से ताल्लुक़ रखने वाले अफ़राद को शामिल किया जाएगा जो तालीमी इदारों और दीगर इंतेज़ामी सलाहीयतों के अहल हैं।

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