‘मध्य प्रदेश में 2013 से हर साल किसानों की आत्महत्या के मामले में 21 फीसदी का इजाफा

‘मध्य प्रदेश में 2013 से हर साल किसानों की आत्महत्या के मामले में 21 फीसदी का इजाफा
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भोपाल: भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र एवं मध्य प्रदेश की सरकारों पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में 2013 से अब तक हर साल किसानों की आत्महत्या के मामले 21 प्रतिशत की दर से बढ़े है।

सुरजेवाला ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमारा मानना है कि किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकारें बुरी तरह किसान विरोधी साबित हुईं। यदि सब कुछ ठीक है, तो मध्य प्रदेश में 2013 से अब तक हर साल किसानों की आत्महत्या के मामले 21 फीसदी की दर से कैसे बढ़ गये।”

उन्होंने कहा, ‘‘यह आंकड़े हमारे नहीं हैं, बल्कि लोकसभा में केन्द्रीय मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला ने 20 मार्च 2018 को सदन के पटल पर रखे हैं।” सुरजेवाला ने बताया, ‘‘मध्य प्रदेश किसानों की आत्महत्या के मामले में पूरे देश में तीसरे पायदान पर है। यह शिवराज के दावों के केवल एक बानगी है।”

छह जून 2017 में मंदसौर के पिपलिया मंडी में आंदोलनरत किसानों पर की गई पुलिस गोलीबारी में छह किसानों की मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति शिवराज सरकार की बर्बरता का आलम तो यह है कि वह किसानों के साथ दुर्दांत आतंकियों जैसा व्यवहार करती है और किसानों के मासूम बच्चों एवं किसानों को गोलियां मारकर मौत के घाट उतार देती है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में प्रदेश में प्याज खरीद के नाम पर भी 1100 करोड़ रुपए का घोटाले के साथ-साथ हरदा जिले में 250 करोड रूपये का मूंग दाल घोटाला हुआ।

इसके अलावा, कृषि पंपों की सब्सिडी में भी पिछले 10 साल में लगभग 50,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में एक भी ऐसी योजना नहीं है, जो भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ी हो। सुरजेवाला ने कहा, ‘‘मध्य प्रदेश में आगामी चुनाव के बाद यदि कांग्रेस सत्ता में आयेगी तो हमारी सरकार बनने के बाद हम जन आयोग बनाएंगे और व्यापमं साहित वह सारे भ्रष्टाचारी कार्य जो शिवराज सिंह चौहान जी ने किये हैं और उनकी सरकार ने किये है, बाकायदा उनकी निष्पक्ष जांच होगी और (भ्रष्टाचारियों को) सजा भी मिलेगी।” उन्होंने कहा कि हमारी पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने पहले भी किसानों की 72,000 करोड़ रुपए की एकमुश्त कर्ज माफी की थी।

मोदी सरकार ने करीब तीन लाख 17 हजार करोड़ उद्योगपति मित्रों की कर्ज माफी की है। वह देश के 62,000 किसानों का कर्जा माफ क्यों नहीं कर रहे हैं। सुरजेवाला ने कहा कि यदि इस राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तो किसानों की एकमुश्त कर्ज माफी और खेती को मुनाफे का धंधा बनाने के लिए कदम उठाया जाएगा। भाजपा नीत केन्द्र सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘स्वामीनाथन कमेटी को मोदीजी ने ‘जुमलानाथन कमेटी’ बना दिया है।”

उन्होंने कहा, ‘‘हार की कगार पर खड़ी मोदी सरकार ने गत तीन अक्टूबर को ‘समर्थन मूल्य’ की झूठ को ‘एक राजनैतिक लॉली पॉप’ के जुमले की तरह देश को पेश करने का छल किया। सच तो यह है न समर्थन मूल्य मिला, न मेहनत की कीमत।” सुरजेवाला ने कहा कि 2014 में जब केंद्र में भाजपा सरकार आई तब गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) दो लाख 63 हजार करोड़ रुपए थीं, जो अब 12 लाख करोड़ रुपए हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बीच गठबंधन नहीं होने का ठीकरा उन्होंने बसपा पर फोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस ने आजादी से अब तक अपने बूते पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे प्रदेशों में चुनाव लड़ा है। गठबंधन के लिए चुनावी गणित में जीतने की संभावना, जनाधार और प्रदर्शन को देखा जाता है।

सीटों को लेकर बसपा की जितनी आकांक्षाएं थीं, वह कांग्रेस की चुनावी गणित से मेल नहीं खा रहीं थीं। बसपा बहुत ज्यादा सीटें मांग रही थी। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम और एक वेबसाइट के संस्थापक राघव बहल पर हुई जांच एजेंसियों की कार्रवाई से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार प्रतिशोध की भावना से ये कार्रवाई कर रही है। एक सवाल के जवाब में सुरजेवाला ने कहा कि जातिगत आरक्षण दिये जाने के साथ-साथ आर्थिक आधार पर भी आरक्षण दिया जाना चाहिए।

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