मनी कुंडा वक़्फ़ जमीन‌ पर सुप्रीम कोर्ट के वकती अहकाम का जायज़ा

मनी कुंडा वक़्फ़ जमीन‌ पर सुप्रीम कोर्ट के वकती अहकाम का जायज़ा
* सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड अफ़ज़ल ब्याबानी कि क़ियादत में आज मिटींग‌

* सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड अफ़ज़ल ब्याबानी कि क़ियादत में आज मिटींग‌
हैदराबाद। (सियासत न्यूज़) दरगाह हज़रत हुसैन शाह वली के करीब‌ मनी कुंडा जागीर की 1654 एकड़ जमीन‌ की मिल्कीयत‌ और दुसरे क़ानूनी पहलूओं से मुताल्लिक़ सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुक़द्दमें में कोर्ट के वकती अहकाम के मुख़्तलिफ़ पहलुओं का जायज़ा लेने और एक वाजिह कानुन तैयार करने आंधरा प्रदेश स्टेट वक़्फ़ बोर्ड कि एक खास मिटींग‌ बोर्ड के स्टैंडिंग कौंसल के साथ /21मई को होगी।

सदर नशीन वक़्फ़ बोर्ड जनाब सय्यद ग़ुलाम अफ़ज़ल ब्याबानी ख़ुसरो पाशाह मिटींग‌ की सदारत करेंगे। इस मिटींग‌ में सुप्रीम कोर्ट के वकती अहकाम का जायज़ा लिया जाएगा जिस में हाइ कोर्ट‌ ने दरगाह की जमीन‌ पर क़ायम किए जाने वाले लैन्को हिलज़ प्रोजेक्ट‌ के प्रोमोटर मिस्टर एल राज गोपाल एम पी के ख़ुसूसी मुराफ़ा(दरखास्त) पर प्रोजेक्ट‌ की तामीर , फ़रोख़्तगी‍ ओर मुंतक़ली की इजाज़त दी गई है और साथ ही साथ वक़्फ़ ट्रब्यूनल में चल रहे मुक़द्दमे की कार्रवाई पर भी स्टे आर्डर‌ जारी कर दिया है।

सदर नशीन बोर्ड जनाब ख़ुसरो पाशाह ने इस मौके पर‌ बताया कि हक़ायक़ से वाक़िफ़ ना होने और वक़्फ़ बोर्ड के कुछ बुरा चाहने वाले लोग कयास की बिना पर ये झूटा प्रोपेगंडा करने लगे हैं कि हाइ कोर्ट‌ में बोर्ड का वकील वक़्त पर नहीं पहुंच पाया था और बोर्ड के हुक्काम हुकूमत के आगे झुक गए हैं और झान बुझ कर‌ रुप केस को कमज़ोर कर दीए हैं जबकि हक़ीक़त ये है कि बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के सिनीय‌र वकील मिस्टर नरसिम्हन और उन के पैन‌ल की ख़िदमात हासिल की थीं।

उन्हों ने ये भी वज़ाहत की कि हाइकोर्ट‌ ने सिर्फ वकती अहकाम जारी करते हुए तामीर, फ़रोख़्तगी‍ ओ‍र मुंतक़ली की लैन्को हिलज़ कंपनी को इजाज़त दी है जिस से दसतबरदारी के इमकानात को रद‌ नहीं किया जा सकता।

उन्हों ने बताया कि वक़्फ़ बोर्ड के मौक़िफ़ को असर दायक‌ अंदाज़ में पेश करने मुल्क के नामवर क़ानूनदां मिस्टर राजीव धोनिया किसी और सिनीय‌र वकील की भी ख़िदमात हासिल करने पर मीटींग‌ में ग़ौर किया जाएगा। उन्हों ने बताया कि बोर्ड इस मुक़द्दमे में कामयाबी के लिए किसी किस्म की कोताही नहीं करेगा और उन्हें कामिल यक़ीन है कि हाइकोर्ट‌ से भी हमारे हक़ में फैसला होगा।

उन्हों ने ये भी वज़ाहत करदी है कि बोर्ड ने अभितक‌ ना ही कीमत‌ क़बूल करने पर रजामंदी ज़ाहिर की है और ना ही बदले में दुसरी जगह जमिन लेने के लिए रज़ामंद हुआ है बल्कि हमारा मौक़िफ़ दरगाह की ओक़ाफ़ी जायदाद की वापसी का है।

उन्हों ने कहा कि जो लोग‌ और संस्थाएं हक़ायक़ जाने के बगैर बोर्ड पर इल्ज़ाम लगाते हुए शबी को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें इस से बाज़ आजाना चाहीए और हक़ायक़ से वाक़फ़ियत हासिल करना चाहीए। उन्हों ने कहा कि जब तक मुंख़बा बोर्ड कारकरद रहेगा वो सिर्फ इस इदारे की ही नहीं बल्कि अन्य‌ इदारों से मुताल्लिक़ मुक़द्दमात में असर दायक‌ इक़दामात करेगा और ओक़ाफ़ी जायदादों की हीफाजत‌ में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

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