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मन की बात: 30 जनवरी को देश के लिए शहीद हुए सैनिकों को दो मिनट की श्रद्धांजलि दें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। मन की बात की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी उमंग और उत्साह के साथ हम सबने मनाया। उन्होंने कहा कि नागरिकों के कर्तव्य और अधिकार पर बहस होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “सोमवार को 30 जनवरी है, इस दिन देश के लिए शहीदों के लिए दो मिनट की श्रद्धांजलि दें। सेना के प्रति आदर का भाव होना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने कश्मीर के हिमस्खलन में शहीद हुए जवानों को भी याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके अवाला उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बच्चों की तैयारी से जुड़े मामलों पर भी बात रखी।

उन्होंने कहा, “छात्र और माता-पिता भी परीक्षा को लेकर परेशान रहते हैं। हमें परीक्षाओं के दौरान उत्सवपूर्ण माहौल बनाना चाहिए, इससे बोझपूर्ण माहौल नहीं बनता। हर साल तीन-चार महीनों को उत्सवपू्र्ण माहौल बनाएं। स्माइल मोर स्कोर मोर!”

प्रधानमंत्री ने कहा, “कभी-कभी यह भी होता है कि अंक के पीछे पड़ गए तो आप शॉर्ट कट ढूंढ़ने लगते हैं। प्रतिस्पर्धा एक मनोवैज्ञानिक लड़ाई है। जीवन को आगे बढ़ाने के लिए अनुस्पर्धा काम आती है। इसका मतलब है कि स्वयं से स्पर्धा। ज्यादातर सफल खिलाड़ियों की विशेषताएं है कि वे अपने ही रिकॉर्ड्स को सुधारते हैं। जीवन के हर क्षेत्र में दोस्तों में बेहतर करने की कोशिश कीजिए। खुद से प्रतिस्पर्धा ही आत्मविश्वास पैदा करती है।”

इसके बाद उन्होंने एक फरवरी को तटरक्षक बल की स्थापना के 40 साल पूरा होने पर जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “तटरक्षक बल में पुरुषों के साथ महिलाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर देश की तटीय सुरक्षा में योगदान दे रही हैं। एक  फरवरी को ही बसंत ऋतु की शुरुआत हो रही है। यह ऋतुओं का राजा है, जोकि वीरों के लिए प्रेरणा का काम करता है।” उसके बाद उन्होंने देशवासियों को वसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी।

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